मखमली शहर की धड़कन
विद्युत रागा
इंडियन इलेक्ट्रॉनिक
About
यह ट्रैक एक आधुनिक इंडियन इलेक्ट्रॉनिक कृति है, जिसमें तबला और ढोल की थाप को गहरे इलेक्ट्रॉनिक बेसलाइन के साथ मिलाया गया है। राग-आधारित बांसुरी की धुनें और सिंथेसाइज़र की परतें मिलकर एक रहस्यमयी नाइटलाइफ़ अनुभव पैदा करती हैं।
Lyrics
रात की चादर ओढ़े शहर जागासितारों ने भी अपना रूप बदला धड़कन में अब एक नई हलचल हैसांसों में घुलती ये कैसी मचल है
गली के मोड़ पर ये रोशनी का मेलाकोई यहाँ नहीं है आज अकेलासपनों की भीड़ में खो जाने दोसमय को पल भर थम जाने दोज़मीन हिल रही है पैरों के नीचेछोड़ आए हम पुरानी यादें पीछे
रफ़्तार बढ़ती है धमनियों में अबखोने लगे हैं हम खुद को ही सबआंखें मूंद ले तू, नज़ारा देख लेइस पल को अपनी रूह में लिख ले
झूमती रात, उमड़ता ये सागरबह चले हम अब तो बेखबरखुशबू हवाओं में, नशा है गहरामिट गया आज हर गम का पहरा
ये रात है अपनी, ये पल है हमारादिखता है रूह का चमकता सिताराउड़ने दे मन को, न कोई बंधनमहकेगा हर पल, खिलता ये आंगनखो जा तू इसमें, न कर तू देरीदुनिया ये सारी है बस अब तेरी
भीड़ के शोर में एक धुन छिपी हैख्वाहिशें हदों से अब आगे बढ़ी हैंचेहरों पर नूर है, नशा सा छायाखुदा ने आज हमें खुद से मिलायादूरी मिटाओ, हाथ थाम लो तुमजन्नत के इस मोड़ पर आ गए हम
सांसें धीमी, पर दिल है ज़ोर से धड़कताएक अजब जादू है जो हर पल चमकतासब कुछ धुंधला, बस तुम सामने होइस रात की बाहों में हम थामे हो
ये रात है अपनी, ये पल है हमारादिखता है रूह का चमकता सिताराउड़ने दे मन को, न कोई बंधनमहकेगा हर पल, खिलता ये आंगनखो जा तू इसमें, न कर तू देरीदुनिया ये सारी है बस अब तेरी
सूरज के आने की अब जल्दी नहीं हैये रात अभी तो कहीं भी थमी नहीं हैबस तुम और मैं, और ये उड़ती रातहमेशा रहेगी ये मीठी सी बातहमेशा रहेगी ये मीठी सी बात
मखमली शहर की धड़कन
विद्युत रागा
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