धरती की धड़कन
माटी मंत्र
इंडियन इलेक्ट्रॉनिक
About
यह ट्रैक पारंपरिक तबला तालों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बेसलाइन के साथ जोड़कर एक अनूठा अनुभव पैदा करता है। इसमें राग-आधारित बांसुरी की धुनें और सिंथ पैड्स का उपयोग किया गया है जो पुरखों की यादों और जड़ों से जुड़ाव को दर्शाते हैं।
Lyrics
इंटर मक कने लिखाश है मेरी बार कभी न मुझे से कहेगी एक बार मैं सुनकर आयूं ओ आयूं वा बार किनार पे जो जायूं ना सांटे ना भूदे ना टासे ना हजार पथों को जोड़ूं जुमांतों को तोड़ूं ए धर बाद ए धर बाद आके छुटे लोटे में एक बोल तो एक पर ना घर से ना दूर से नाई स्टूरियों में बुलूं ये इमागों का दिन चुपर पे मोटों पे जुपर से ना डम पर ना हाल साथ हाई साल हाई साबर है उपर साथ हाथ आँखों से बौरूं स्वारे जान हाँ उपर साथ हाँ उपर साथ पथों को जोड़ूं जुमांतों को तोड़ूं ए धर बाद ए धर बाद लाग के चुटे लोटे ने बोल तो एक पर ना घर से ना दूर से नहीं स्टूरियों में बुलूं ये इमागों का दिन चुपर पे मोटों पे जुपर से ना डम पर ना हाल मिट्टी मिट्टी की सौंधी महक में खोय पूर्खों के साए आज भी सोए धरकने बसी पुरानी कोई ले ले सदियों की प्यास सब होने को है जाएं जाएं जाएं जाएं जाएं जाएं जाएं जाएं खेतों की पगडंडी से शहर तक का सफर मेरे लहूं में तोड़ता है पूरानी को कोई पीदू उठ रहा है एक नया सा कुफान मेरे बिताग उठा है मेरा स्वागिमान मिट्टी पुकारे मिट्टी पुकारे मिट्टी पुकारे मिट्टी पुकारे
धरती की धड़कन
माटी मंत्र
Preview