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Duration2:59

शहर की परछाईं

खौफ नूर

इंडियन इलेक्ट्रॉनिक

About

यह ट्रैक एक तीव्र इंडियन इलेक्ट्रॉनिक अनुभव है जिसमें तबले की जटिल तालों को आधुनिक सिंथेसाइज़र और गहरी इलेक्ट्रॉनिक बेसलाइन के साथ जोड़ा गया है। राग-आधारित मेलोडी और शहरी जीवन की भागदौड़ को दर्शाती धुनें इसे एक आधुनिक और रहस्यमयी वाइब देती हैं।

Lyrics

सुनो ये कहानी किसी की शेहरों की गलियां छुपके सी चलती है नाम नहीं पर खौफ वही देखा जो उसने वो सच्छी सही एक हाथ में शेटानों का दस्तूर दूसरे में नूर का नूर शीशे के पीछे वो रहती कहानी वो बस एक शुन्या की राउन और जवानी मसुमे यत को मार देती जार के साथ ये रूप बता ती धोखा वो चुक्के से कटाती पर हर सास में तपिश बचाती कहानी नहीं ये बोली तरदित की जरूरत है जिन्दगी की चूलो वो शीशे इसलिए कहानी कोई सच कोई धोखा पर दिल की दिवरे चुपी हवा में वो एक अवास हर राज को गोल दे वो राज अंदेरा भी उसका दोस्त ना उसकी हर चाल का राज है आँखे उसकी बेडिया का दर पर वो चलती रहे उमर भर उसकी कहानी कोई समझ नहीं पर दुनिया ये सुनने चाहे कहीं को मसूमियत को मार्ड कहानी शतानों के पिछे है दासता उसकी छुपी से दिल का डर पर हर दिल में अब है प्यार का सर मसूमियत कहानी धाली की चलाकी हर लब्स में वो ही सादी कहानी ये है कहानी सच है या छुपी हर रिष्टे में बस वो ही सकती कदम नहीं ये कहानी रुक नहीं हर चाल के पीछे उसका निशान उसकी कहानी हर दिल में बस ही और आसमा भी उसका कवा बनी सच है या छुपी हर रिष्टे में बस वो ही सकती मसूमियत का राज उसकी बातों का सफर जिसे कभी दिल कोई जाने नहीं वो ही वो ही दिल के अंदर मसूमियत यही रहेगी सच के साथ अंधेरा चल लेगा पर उसी कहानी सच ही मचाएगी

शहर की परछाईं

खौफ नूर

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