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Duration3:48

अंतर्यामी की शरण

प्रभु चरण दास

Indian Folk

About

यह गीत पारंपरिक ढोलक और हारमोनियम की लयबद्ध जुगलबंदी के साथ प्रभु की भक्ति में रंगा हुआ है। इसमें लोक संगीत की शुद्धता को बनाए रखते हुए लयबद्ध गायन और सूक्ष्म स्वर लहरियों का प्रयोग किया गया है जो मन को शांति प्रदान करते हैं।

Lyrics

intro

ओ मनवा तू जा जाग रेसाँझ ढले अब भाग रेप्रभु के द्वारे नाम पुकारमिट जाए सब अंधियारा

verse

माथे तिलक और हाथ में मालामन के भीतर प्रेम की ज्वालापल-पल बीते, आस न छोड़ीतेरी शरण में प्रीत है जोड़ीमिट्टी के तन में ज्योति जगाईतूने ही मुझको राह दिखाई

refrain

हे प्रभु मेरे, ओ मेरे स्वामीतू ही है अंतर्यामीचरणों में तेरे शीश नवाऊँगाकर तुझे मैं मन बहलाऊँतेरी कृपा का सागर गहराकाट दे मेरे जीवन का पहरा

verse

सूरज डूबा, चंदा आयातारागण ने सब कुछ पायाभोर की किरणें तुझसे ही फूटींममता की डोर कभी न टूटीकण-कण में है तेरा ही डेरातू ही सवेरा, तू ही अंधेरा

refrain

हे प्रभु मेरे, ओ मेरे स्वामीतू ही है अंतर्यामीचरणों में तेरे शीश नवाऊँगाकर तुझे मैं मन बहलाऊँतेरी कृपा का सागर गहराकाट दे मेरे जीवन का पहरा

instrumental-break
verse

थक गया राही, पथ है अनजानातेरे सहारे ही है ठिकानादुख के बादल छंट जाएंगेसुख के सावन फिर आएंगेविश्वास मेरा तुझमें ही अटकातू ही है माझी, तू ही है नटका

refrain

हे प्रभु मेरे, ओ मेरे स्वामीतू ही है अंतर्यामीचरणों में तेरे शीश नवाऊँगाकर तुझे मैं मन बहलाऊँतेरी कृपा का सागर गहराकाट दे मेरे जीवन का पहरा

outro

मन की प्यास बुझा दे ओ देवासफल हो जाए मेरी ये सेवातेरी शरण में मुक्ति पाऊंअब तो बस मैं तेरा हो जाऊंतेरा हो जाऊं, तेरा हो जाऊं

अंतर्यामी की शरण

प्रभु चरण दास

Preview

अंतर्यामी की शरण by प्रभु चरण दास | EchoLoRA: Generate a Song with AI