यादों की पोटली
आर्यमन लोक सुर
Indian Folk
About
यह गीत पारंपरिक ढोलक और सारंगी की संगत में रचा गया है, जो पुरखों की यादों को एक मधुर मोडल धुन में पिरोता है। इसमें लयबद्ध गायन और मिट्टी की सोंधी महक का अहसास कराने वाले प्राकृतिक वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया गया है।
Lyrics
अपने साथ हमको पास जोड़ाए वो हमेशा हमसे साइन पुरती हुए प्रजपादी की नहीं रखती हुए कभी वो आज विक्ष बन गए उनकी उनकी दी हुई सीखों में मेरे संसकार ढल गए दादी की वो कहानिया जो चूले के पास सुनाती थी आँखों में चमक लिये जीवन का अर्थ बताती थी वो हाथ जो खुरदर थे पर प्यार में मखमली थे उनकी हर एक बात में जीवन के गहरे पन थे पुरानी उस अलमारी में रखी है यादों की पोटली जिसमें बंध है बहक मेरे बच्चपन की वो रंगोली ये वीरासत है मेरी ये सासों की एक डूरी है मिट्टी से चूडे रहना मेरी रूँ की मजबूरी है वो जो दे गए मिश्यान उन्हें मैं सहिच के रखता हूँ मैं आज भी जीता हूँ मेरे बच्चपन की वो रंगोली है मिट्टी से चूडे रहना मेरी रूँ की मजबूरी है वो जो दे गए मिश्यान उन्हें मैं सहिच के रखता हूँ अपनी जड़ों के साथ मैं आज भी जीता हूँ ये वीरासत
यादों की पोटली
आर्यमन लोक सुर
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