सजनामनवा की प्यास
आकाश और रागिनी
Indian Folk
About
यह गीत पारंपरिक ढोलक की थाप और सारंगी की मर्मस्पर्शी धुन के साथ विरह की गहरी भावना को दर्शाता है। इसमें लयबद्ध गायन और सूक्ष्म स्वर-लहरियाँ भारतीय लोक संगीत की शुद्धता को जीवंत करती हैं।
Lyrics
शहर की राहों से चौकट है कोई दर्दी या कोई असफार है शहर एक पहा का है लेकिन शोरों में मानूंगा ये आरजु है ये उजालों है शहर की रुप तो है लेकिन शोरों में मानूंगा ये आरजु है ये उजालों है शहर की रुप तो है लेकिन शोरों में मानूंगा ये आरजु है लेकिन शोरों में मानूंगा ये आरजु है ये उजालों है ये उजालों है ये उजालों है ये उजालों है ये उजालों है अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से अपने पेशों कर सुवादियों से शहर पे में आप दिल आप लागो शहर पे में आप दिल आप लागो बाहूलों पे आप दिल आप लागो बाहूलों पे आप दिल आप लागो शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा शहर सदा सुबा
सजनामनवा की प्यास
आकाश और रागिनी
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