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Duration3:33

शून्य से अनंत

आकाश चैतन्य

Indian Devotional

About

यह गीत एक गहन आध्यात्मिक यात्रा है, जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का अद्भुत संगम है। गायक की भावपूर्ण आवाज आत्म-बोध और परमात्मा के साथ मिलन की भावना को जीवंत करती है, जो सुनने वाले को एक शांत और ध्यानमग्न अवस्था में ले जाती है।

Lyrics

ये जन कैसे आए ये मरन क्या हुँगा वो दुस्त ये भूले ये बुरा क्या हुँगा वो नाश ये देगे ये सोया क्या हुँगा वो नाश ये देगे ये सोया क्या हुँगा ये जन कैसे आए ये मरन क्या हुँगा वो दुस्त ये भूले ये बुरा क्या हुँगा वो नाश ये देगे ये सोया क्या हुँगा ये जन कैसे आए ये मरन क्या हुँगा वो जीवन चाये रोता क्या अगर तुमने सोचा वो जीवन चाये रोता क्या अगर तुमने सोचा वो जीवन चाये रोता क्या अगर तुमने सोचा वो जीवन चाये रोता क्या अगर तुमने सोचा ये जन कैसे आए ये मरन क्या हुँगा ये मरन क्या हुँगा वो दोस्त ये भूले ये बुरा क्या हुँगा वो नाश ये देगे ये सोया क्या हुँगा वो जीवन चाये रोता क्या अगर तुमने सोचा वो दोस्त ये भूले ये बुरा क्या हुँगा ये भूले ये बुरा क्या हुँगा वो दोस्त ये भूले ये बुरा क्या हुँगा

शून्य से अनंत

आकाश चैतन्य

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शून्य से अनंत by आकाश चैतन्य | EchoLoRA: Generate a Song with AI