Skip to content
Duration3:02

प्रेम सागर की बूंद

भक्ति माधुरी

Indian Devotional

About

यह गीत एक शांत और ध्यानमग्न रचना है, जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का सुंदर मेल है। गायक की भावपूर्ण आवाज भक्ति और समर्पण के गहरे भाव को उजागर करती है, जो सुनने वाले को एक आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाती है।

Lyrics

intro

ओ मेरे मन के मीत,तेरी ही धुन में खो जाऊं।तेरे चरणों की धूल बनके,मैं अपना अस्तित्व मिटाऊं।

verse

सांसों की माला में, तेरा ही नाम पिरोया है।तेरी यादों में मन, दिन-रात चैन से सोया है।दुनिया की ये भीड़, अब मुझे पराई लगती है।बस तेरी एक झलक, मुझे रूहानी लगती है।तू ही किनारा है, तू ही मेरी मझधार है।तुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म मेरा संसार है।

chorus

प्रेम तेरा सागर, मैं प्यासी एक बूंद हूँ।तेरे ही प्रकाश की, मैं छोटी सी धूप हूँ।मुझमें बस तू ही समाया, ओ मेरे सांवरे।नैनों के द्वार पर, तू ही तो है संवरे।

verse

कितने जनम बीत गए, तुझे ढूंढ़ते-ढूंढ़ते।थक गए हैं पांव अब, राहों पे चलते-चलते।पर तेरी दया की छांव, मुझे आज मिल गई।मेरे अंतस की कली, तेरी आहट से खिल गई।ना कोई बंधन रहा, ना कोई अब सवाल है।तुझसे जुड़ जाने का, ये कैसा कमाल है।

call-and-response
तू ही मेरा रक्षक

- तू ही मेरा रक्षक

तू ही मेरा आराध्य

- तू ही मेरा आराध्य

तेरी भक्ति में डूबा

- तेरी भक्ति में डूबा

मेरा हर एक अध्याय

- मेरा हर एक अध्याय

bridge

ना मंदिर की मूरत में, ना तीर्थ की गलियों में।तू तो बसा है मेरी, रूह की गहराइयों में।जब भी पुकारूँ तुझे, तू पास आता है।मेरे सूनेपन को, खुशियों से भर जाता है।

chorus

प्रेम तेरा सागर, मैं प्यासी एक बूंद हूँ।तेरे ही प्रकाश की, मैं छोटी सी धूप हूँ।मुझमें बस तू ही समाया, ओ मेरे सांवरे।नैनों के द्वार पर, तू ही तो है संवरे।

outro

बस तू ही तू है, और कुछ भी नहीं।तेरी भक्ति के सिवा, कोई आस नहीं।समर्पित ये जीवन, तेरे ही चरणों में।खो गए हम अब, तेरी ही यादों में।तू ही मेरा अंत, तू ही मेरी शुरुआत है।तू ही मेरी रूह, तू ही मेरी कायनात है।

प्रेम सागर की बूंद

भक्ति माधुरी

Preview