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Duration3:48

शांत सूर्य भजन

मुक्तानंद स्वामी

Indian Devotional

About

यह रचना एक शांत और ध्यानमग्न भक्ति गीत है, जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का सुंदर समन्वय है। इसमें गायक की भावपूर्ण आवाज़ परमात्मा के साथ एकाकार होने की आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाती है।

Lyrics

उड़ाके पर्टे हैं इटेलियम सूरध हैं। इटेलियम सूरध हैं हटाई का नख्व हैं। चुड़े से मुक्ति उर हैं मेरा निष्चिता प्राण हैं। लोगों से सूरध हैं। इटेलियम सूरध हैं। इटेलियम सूरध हैं। इटेलियम सूरध हैं। लोगों से सूरध हैं। सूरध के इटेलियम सूरध हैं। नमांग जैसे लोगों से सूरध। सूरध से शुक्यत। रिवियल जैसे लोगों से शुक्यत। जगती जैसे लोगों से शुक्यत। कौन कहे इन्ह जेल। कौन का पाक्सरी। ब्राण है रहता रहे अपने बाचे पे। हर इन्हा को ब्राण है जो रहता के कोई बात है हो रहा उदा के पे। इटेलियम सूरध। इटेलियम सूरध हैं। इटेलियम सूरध। इटेलियम सूरध। इटेलियम सूरध। इटेलियम सूरध। इटेलियम सूरध। इटेलियम सूरध। इटेलियम सूरध। जड सिचे तन तक तेरा ही विस्तार हैं। कन में कुझता तेरा ही उकार हैं समय की लहरों से। अब मैं पार हो गया अन्श्वर ये कायामर अधार हो गया। किसमा गई जोति जोति में मिल गई आत्मा परमात्मा मैं पूर्ण हूँ। शान्त हूँ अनत हूँ मैं केवल तु ही हूँ। ओम। ओम। ओम। इटेलियम सूरध। लोस शुकियत जगती जैसे। लोस शुकियत चड़ से चदन तक। तेरा ही विस्तार है। कण कण में गुझता तेरा ही उकार है। समय की लहरों से। कायामर अधार हो गयामर अधार हो गया।

शांत सूर्य भजन

मुक्तानंद स्वामी

Preview

शांत सूर्य भजन by मुक्तानंद स्वामी | EchoLoRA: Generate a Song with AI