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لا مکاں کی پکار
Duration3:28

لا مکاں کی پکار

شمسِ تبریز وادی

کوک اسٹوڈیو فیوژن

About

یہ ٹریک روایتی صوفیانہ شاعری کو جدید الیکٹرانک ساؤنڈ اسکیپس اور پیچیدہ طبلہ تال کے ساتھ جوڑتا ہے۔ اس میں رُباب کی گونج اور ووکال میلزم کا امتزاج ایک گہرا روحانی تجربہ فراہم کرتا ہے، جو کہ کوک اسٹوڈیو کے مخصوص فیوژن انداز کی عکاسی کرتا ہے۔

Lyrics

विना तिन तिरे कहाँ यान को सबसे प्रिया जना मेरे शट था विनों की और चाहत और यान कभी मैं सजाना मैं कभी कहाँ यान भी है और प्रंतार क्यों केतर का प्राणों दूर सखा विद्याचर से पुन्हार करें मैं सबसे प्रिया जना विमो ही एक छुटा दे यान ये अथा क्या होगा बुढ्धों का कारणा अनुवार को उठाना दे इतना यान ये अथा क्या होगा बुढ्धों का कारणा अनुवार को उठाना दे इतना यान अनुवार को उठाना दे इतना यान ये अथा क्या होगा बुढ्धों का कारणा अनुवार को उठाना दे इतना यान ये अथा क्या होगा बुढ्धों का कारणा होगा बुढ्धों का कारणा अनुवार को उठाना दे इतना यान ये अथा क्या होगा बुढ्धों का कारणा अनुवार को उठाना दे इतना यान ये अथा क्या होगा बुढ्धों का कारणा अनुवार को उठाना दे इतना यान ये अथा क्या होगा बुढ्धों का कारणा

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شمسِ تبریز وادی

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