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Duration3:42

بے خبر

روحِ ساز

کوک اسٹوڈیو فیوژن

About

یہ گیت ایک جذباتی فیوژن ہے جس میں روایتی رُباب اور طبلے کی تھاپ کو جدید الیکٹرانک سنتھسائزر کے ساتھ ملایا گیا ہے۔ اس میں گلوکاری کے دوران پیچیدہ صوتی اتار چڑھاؤ اور گہری صوفیانہ لے کا استعمال کیا گیا ہے جو تنہائی کے احساس کو اجاگر کرتا ہے۔

Lyrics

श्वी कोठां से स्वाच तोड़ा स्वार्थ से जो रूप देखा दिन से स्वार्थ प्रकाश हुआ आकाश से ये बाते बाते बाते बातों से मूसिक्षन निष्चारे स्वाच तोड़ा ग्रोध जो निकल गया पादल जो ना होया महाराज तेरे प्यारे अंगनों पे हो प्यारे श्री कोठां से स्वाच तोड़ा अंधेरे से जो पांव देखा वो रूप जो दिखा दे टोटी से मेरा मेरा दिल आकाश से बाते बाते बातों से निष्चारे स्वाच तोड़ा इंकार में लूट गया इंकार मेरे सुन गया श्री कोठां से स्वाच तोड़ा स्वार्थ से जो यूटा देखा तेरी प्रकाशी प्रकाश हुआ तेरी प्रकाशी प्रकाश हुआ आकाश से प्रकाश हुआ वे गुर घुमियों स्वाच तोड़ा अन्भे जो नेरा एक दिन करी दो तेरे परबत एक दिन अंगनों में आए एक दिन श्री कोठां से स्वाच तोड़ा श्री कोठां से स्वाच तोड़ा स्वाट्थ से जो यूता देखा तेरी प्रकाशी प्रकाश हुआ आकाश से प्रकाश हुआ वे गुर घुमियों स्वाच तोड़ा अन्भे जो नेरा एक दिन तेरे जो ने आए एक दिन गई दो तेरे परबत एक दिन अंगनों में आए एक दिन श्री कोटां से स्वाच तोड़ा श्री कोटां से स्वाच तोड़ा स्वाथ से जो यूता देखा चमना जो ने आए एक दिन श्री कोटां से स्वाच तोड़ा स्वाथ से जो यूता देखा

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