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शहर की धड़कन
Duration3:24

शहर की धड़कन

इश्क़ हुसैन

Indi-Pop

About

यह गाना आधुनिक शहरी जीवन की भागदौड़ और उसमें छिपे जज्बातों का एक सुंदर मिश्रण है। इसमें सितार की मधुर धुन के साथ इलेक्ट्रॉनिक बीट्स और तबला का तालमेल है, जो एक रेडियो-फ्रेंडली इंडि-पॉप अनुभव देता है।

Lyrics

तेरी याद सुख है तेरी अदालत हाथ सही तू पास है पास है बेर खुशी और आशकी तेरा नाम कहां सुचूंगा उठे उठे बाते तू खुशी खुशी छुप रही अपने बाते अपने बाते अपने बाते अपने बाते धारा ये राहे ना दिखे ना जिंदगी में तू है तू नहीं पर एक नाम एक आरा और शुक्री तेरी आद सुख है तेरी अदालत हाथ सही तू पास है पास है बेर खुशी और आशकी होसलों का है अपना जहाँ फिर में भी हम तन्ना खड़े बजले तिर भी दूर है बड़े बड़े रुखना तू सीखा ने ये सफर कभी था मेरे शहर तेरी ये चमक तंपल तू में वसी है तेरी ये गंग भी शोर में गुम काबि घामोज़ तू में कहा तू जीते है हम तेरे ही साय में खोए हुए तेरी ही माया में पैरे शाम मिलता नहीं अब फुरसत का नाम फिर भी ये दिल तुझ से ही जुड़ा तू ही तो है मेरा खुदा तू जीते है हम तेरे ही साय में खोए हुए तेरी ही माया में तेरी बाहों में ये शहर मेरा घर मेरा शहर धड़कने जो साथ चले यादों के ये ती मेरा शहर

शहर की धड़कन

इश्क़ हुसैन

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