वापस उसी गली में
माटी की रूह
Indi-Pop
About
यह गाना एक भावुक इंडी-पॉप रचना है जो बचपन के घर और पुरानी यादों को समर्पित है। इसमें तबला और ढोलक की लयबद्ध ताल के साथ आधुनिक सिंथेसाइज़र और इलेक्ट्रिक गिटार का एक मधुर मिश्रण है, जो एक सुखद और पुरानी यादों से भरी ध्वनि पैदा करता है।
Lyrics
ओ ओ ओ, फिर वही यादेंओ ओ ओ, घर की वो राहें
गली के नुक्कड़ पे वो चाय की दुकानपुरानी साइकिल और यारों का जहानवो बचपन की पतंगें, वो छत की शामेंलिखे थे जो हमने दीवारों पे नामेंआज भी वो खुशबू हवाओं में घुली हैमेरी रूह उस मिट्टी में कहीं खोई हुई है
भीड़ में खड़ा हूँ पर तन्हाई साथ हैवो बचपन वाला सुकून अब कहाँ बात हैखिड़की से झांकती वो पुरानी यादेंदिल के किसी कोने में दबी हैं ये बातें
मुझे ले चलो वापस उसी गली मेंजहाँ खुशियाँ महकती थीं हर एक पल मेंवो माँ के हाथों का स्वाद और प्यारवो घर की दहलीज, वो अपना संसारवापस जाना है मुझे, उस सुकून की ओरजहाँ दिल को मिलता है अपना ही शोर
वो नीम का पेड़, वो आंगन की धूपबदल गया है अब तो सब कुछ, बदल गया है रूपवो बारिश में भीगना, वो कागज़ की कश्तीअब यादों के दरिया में बहती है हस्तीहर चेहरे में ढूँढता हूँ मैं वो सादगीपर अब तो बस बची है एक धुंधली सी बेबसी
भीड़ में खड़ा हूँ पर तन्हाई साथ हैवो बचपन वाला सुकून अब कहाँ बात हैखिड़की से झांकती वो पुरानी यादेंदिल के किसी कोने में दबी हैं ये बातें
मुझे ले चलो वापस उसी गली मेंजहाँ खुशियाँ महकती थीं हर एक पल मेंवो माँ के हाथों का स्वाद और प्यारवो घर की दहलीज, वो अपना संसारवापस जाना है मुझे, उस सुकून की ओरजहाँ दिल को मिलता है अपना ही शोर
वो भागती दौड़ती वो बेफिक्रियाँवो रात भर जागती वो मीठी कहानियाँसब कुछ तो अपना था, सब कुछ था पासअब बस रह गई है एक अधूरी सी प्यास
मुझे ले चलो वापस उसी गली मेंजहाँ खुशियाँ महकती थीं हर एक पल मेंवो माँ के हाथों का स्वाद और प्यारवो घर की दहलीज, वो अपना संसारवापस जाना है मुझे, उस सुकून की ओरजहाँ दिल को मिलता है अपना ही शोर
वो मिट्टी की महक, वो घर का एहसासआज भी है मेरे दिल के पासबस वही घर, बस वही यादेंओ ओ ओ, घर की वो राहेंघर की वो राहें।
वापस उसी गली में
माटी की रूह
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