मेरी मिट्टी की खुशबू
आर्यन अनहद
Indi-Pop
About
यह गाना एक भावुक इंडी-पॉप रचना है जो बचपन की गलियों और घर की यादों को संजोती है। इसमें तबला और ढोलक की पारंपरिक ताल के साथ आधुनिक सिंथेसाइज़र और इलेक्ट्रिक गिटार का बेहतरीन मिश्रण है, जो एक रेडियो-फ्रेंडली और मधुर अनुभव प्रदान करता है।
Lyrics
यादे पुरानी गली की वो मिट्टी वो बच्चपन की कहानी किनकी के बाहर मुल्वित का पेड़ माहर थे शाको करते थे धेरमा के हाथों के दूरे रे रोटियों की महकाच भी दिल में है वो बच्चपन की जहेक शहर की भीड में मैं खोसा गया हूँ अपनी जड़ों से दूर होसा गया हूँ वो बारिश का पानी वो कगलियों का शोर वो यादों का खावा सब कुछ पिछे छूट कया है खावा सब कुछ पिछे छूट कया है कहीं पर वो एसा सब भी है ये ही घर की वो यादे दिल में बसी है हावाओं में भुली वो कुशिया हसी है वापस जाना है मुझे उन गलियों की और जहां सुकूह मिलता था मिटता था शुर मेरा घर मेरा बचपन मेरी पहचान वहीं बसा है मेरा सारा जहान वो जद पर सोना तारों को किनना वो दुस्तों के साथ मिलकर दिन भर फिर ना खड़ी किस भगती है आखें मेरी बस राहें तकती है की की दाण में सब छूट रहा हूँ अपना पंदिर धीर धीर तूड रहा हूँ वो कागस की नावों गलियों का शूर वो यादों का घावा सब कुछ पीछे छूट गया है कहीं पर वो एंदिर धीर है रहा हूँ वो कागस की नावों गलियों का शूर वो यादों का घावा सब कुछ पीछे छूट गया है कहीं पर वो एंदिर धीर है रहा हूँ वो कागस की नावों गलियों का शूर वो एंदिर धीर है रहा हूँ वो कागस की नावों गलियों का शूर वो एंदिर धीर है रहा हूँ वो कागस की नावों गया है रहा हूँ वो कागस की नावों गया है रहा हूँ
मेरी मिट्टी की खुशबू
आर्यन अनहद
Preview