मुखौटा
मौन तूफान
Indi-Pop
About
यह गाना आधुनिक शहरी जीवन के खोखलेपन पर एक गहरा कटाक्ष है, जिसमें तबला और सिंथेसाइज़र का एक अनूठा मिश्रण है। इसमें एक मेलोडिक वोकल हुक और पॉप कॉर्ड संरचना का उपयोग किया गया है जो श्रोता को आत्म-चिंतन के लिए प्रेरित करता है।
Lyrics
सब कुछ बदल गया है यहाँपर हम वही खडे हैं कहाँ
भीड़ में खोया हर एक चेहरादिखता नहीं अब कोई अपना बसेराफोन की स्क्रीन में सिमटी ये दुनियाहाथों में कैद हुई सबकी ये खड़ियाँहंसते हैं सब पर दिल में है सन्नाटाकिसने ये रिश्तों का जाल है ये काटा
दिखावे की इस चमक में सब अंधे हैंअपने ही मन के पिंजरे में बंद हैं
ये शहर है या है कोई तमाशाखो गई है कहीं सबकी ये भाषासब भागते हैं यहाँ किस मंज़िल की ओरशोर में डूबा है सबका अपना ही कोरसच्चाई को हमने है पीछे छोड़ाबस एक मुखौटा ही हमने है ओढ़ा
सच कहने से अब सब डरते हैंझूठ के साये में ही घर भरते हैंदिखावा है ऊँचा, जमीर है नीचेभाग रहे हैं सब कल के ही पीछेकौन है किसका, ये कोई न जानेलिख रहे हैं सब झूठे अफसाने
थोड़ा रुक के तो देखो ज़राक्या है ये रास्ता, क्या है ये सवेरासब कुछ तो है फिर भी है खालीकिसकी है ये जीत, किसकी है ये जाली
ये शहर है या है कोई तमाशाखो गई है कहीं सबकी ये भाषासब भागते हैं यहाँ किस मंज़िल की ओरशोर में डूबा है सबका अपना ही कोरसच्चाई को हमने है पीछे छोड़ाबस एक मुखौटा ही हमने है ओढ़ा
मुखौटे उतारो, ज़रा खुद से मिलोबदलते दौर में तुम तो न बदलोखुद से मिलो, खुद से मिलोये शहर है या है कोई तमाशा।
मुखौटा
मौन तूफान
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