मेरे इश्क में प्रभु-हार
दयानंद भजन
भारतीय भक्ति संगीत
About
यह रचना राग-आधारित मधुर स्वर-लहरियों और पारंपरिक तबला-हारमोनियम के तालमेल से सुसज्जित है। इसमें भक्ति भाव की गहराई और आध्यात्मिक शांति का समावेश है, जो श्रोता को एक दिव्य अनुभव प्रदान करती है।
Lyrics
हाँ मेरे इश्क में हार गया हाँ मेरे इश्क में हार गया हाँ मिला सारा मुस्कान गया अंधियारे पथ पर तू ही सहरा तेरी कृपा से चमके सितारा कन-कन तेरा ही वास है तू ही तू मेरा विश्वास है धूल में भी तेरी मूरत दिखे तेरी दया से ही सब कुछ मिले हे प्रभू तू ही सर्वव्यापी तेरी भक्ती ही है मेरी दाती मन के हाँ बस्ता दोर तेरा तेरी शर्म में शल्दी पाँँ तेरे जर्णों में सीश जुखाऊ तेरी अर्थी तेरी पूजा तू ही मेरा कोई ना दू जागनी में भी तू शितल छाया तू नहीं ही जागनी में भी तू शितल छाया तू नहीं ही जागनी में भी तू शितल छाया तू नहीं ही जागनी में � तू शितल छाया तू नहीं ही जागनी में भी तू शितल छाया तू नहीं ही जागनी में तू शितल छाया तू नहीं ही जागनी में
मेरे इश्क में प्रभु-हार
दयानंद भजन
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