प्रेम का दीप
हृदय रागिणी
भारतीय भक्ति संगीत
About
यह रचना राग-आधारित मधुर स्वर-लहरी और पारंपरिक ताल वाद्ययंत्रों का एक सुंदर संगम है। इसमें हारमोनियम और तबला के साथ एक शांत और भक्तिपूर्ण वातावरण तैयार किया गया है, जो श्रोता को गहरे ध्यान की ओर ले जाता है।
Lyrics
हिवशंग सदा शिव की शिवायों हर नाद उठावा सबस्तेरी आद उठावास तेरी आखों की गहराई में मिलता मुझे आकाश तू ही मेरी धड़कन है तू ही मेरी रूँ का गित बार दो से है मिराली अपनी प्रीत जब से सजा लिया मैंने चंदड़ी सी जलती है ये भकती पर शीदल इसका आहसास मिटा ये भकती जलती है ये भकती जोठासा संसार मैं नहीं अब तो बस तू ही तू है मेरे तेरी ही ये खुशबू है तू ही सक्य है तू ही मेरा संसार है तेरे में डूबना ही मेरा अंतिम माँधार है तू ही प्यार है मेरे मन का तू तू ही एक मातर शर्णकार है सब तुझ मेरी नहीं है सब तुझ मेरी नहीं है सब तुझ मेरी नहीं है
प्रेम का दीप
हृदय रागिणी
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