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Duration3:14

अद्वैत का नूर

वेदांत प्रभाकर

भारतीय भक्ति संगीत

About

यह रचना राग यमन पर आधारित एक भक्तिपूर्ण गीत है, जिसमें तबले की थाप और हारमोनियम की मधुर संगत का प्रयोग किया गया है। गीत का संगीत अत्यंत सात्विक और ध्यान केंद्रित करने वाला है, जो श्रोता को ब्रह्मांडीय एकता के अनुभव की ओर ले जाता है।

Lyrics

इन्क्षित्र आयिशिखैं शंघर। ग्रहस्य सद करता सदा भाईश्चित। प्रेमाशाशिल्पञ्चदे भोले नथादायनु। जानि अग्णिरूपेन्शिखाशक्षातत्रशिखर्ण। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानालुक्या। गुरुत्रघुप्तवेदभप्तिसदशंभुषिरेशा। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल। गुरुत्रमुक्तत्परित्धर्मन्भुत्वचानाल।

अद्वैत का नूर

वेदांत प्रभाकर

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