Skip to content
♪
Duration3:04

पूर्ण समर्पण

हरि शरण दास

भारतीय भक्ति संगीत

About

यह गीत राग-आधारित माधुर्य और पारंपरिक ताल का एक सुंदर मिश्रण है, जिसमें हारमोनियम और तबले की संगत आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराती है। गायन शैली में भक्तिपूर्ण समर्पण और भावनाओं की गहराई को प्रमुखता दी गई है, जो श्रोता को एक ध्यानपूर्ण अवस्था में ले जाती है।

Lyrics

intro

ओ मन, ठहर जा अब तूसब कुछ प्रभु के चरणों में सौंप देस्वयं को मिटा दे, उनकी ज्योति में समा जा

verse

मैं और मेरा, यह सब तो एक भ्रम हैतूने ही रचा है, तूने ही ढाला है यह गम हैमेरी हर धड़कन में नाम तेरा ही गूँजेजैसे सागर की लहरें किनारे को ढूँढेमैंने छोड़ दिए हैं अब सब अपने ठिकानेतेरे दर पर ही लिखे हैं मेरे अब फ़साने

chorus

सब कुछ तेरा, मैं तो बस एक साया हूँतेरी शरण में ही मैंने खुद को पाया हूँमिटा दे मेरा अहं, मुझको शून्य कर देअपनी करुणा की वर्षा से मुझे अमर कर देसमर्पित है तन, समर्पित है मनतू ही है आराध्य, तू ही है जीवन

instrumental-interlude
verse

उलझनों की डोर को अब तू सुलझा देअंधेरी राहों में अपनी ज्योति जला देन कोई चाहत बची, न कोई अब अरमान हैतेरे चरणों की धूल ही मेरी पहचान हैजो तू चाहे वही हो, मेरी मर्जी कुछ नहींतुझ बिन इस संसार में मेरा कोई भी नहीं

chorus

सब कुछ तेरा, मैं तो बस एक साया हूँतेरी शरण में ही मैंने खुद को पाया हूँमिटा दे मेरा अहं, मुझको शून्य कर देअपनी करुणा की वर्षा से मुझे अमर कर देसमर्पित है तन, समर्पित है मनतू ही है आराध्य, तू ही है जीवन

climax

हे प्रभु, अब अपना ले मुझेअपनी बाहों में समा ले मुझेमैं नहीं, तू ही तू है हर ओरतेरी भक्ति में ही है मेरा छोरपूर्ण समर्पण, पूर्ण समर्पणअब बस तेरा ही है यह जीवन

outro

तू ही है सत्य, तू ही है आधारतेरी ही शरण में है बेड़ा पारसमर्पित, पूर्ण समर्पितअब मैं तुझमें ही हूँ विसर्जितविलीन हो गया, तुझमें विलीन हो गया

पूर्ण समर्पण

हरि शरण दास

Preview