हम बागी
सुरबागी
इंडि-पॉप
About
यह गीत एक ऊर्जावान इंडि-पॉप ट्रैक है जिसमें आधुनिक सिंथेसाइज़र और पारंपरिक ढोलक की थाप का बेहतरीन मिश्रण है। इसमें एक प्रेरणादायक धुन है जो स्वतंत्रता और आत्म-खोज की भावना को दर्शाती है, जिसे रेडियो-फ्रेंडली प्रोडक्शन के साथ तैयार किया गया है।
Lyrics
हवाओं में घुली है ये नई सी एक लकीरहम चले हैं आज खुद की ही तलाश में
किताबों के पन्नों में दब गई थी जो हंसीदीवारों के साये में सिमट गई थी जो खुशीअब खिड़कियों को खोलकर उड़ जाने का मन हैमंजिल का पता नहीं, बस खुद का ही चलन हैपुराने रास्तों को पीछे छोड़ आए हमआज अपनी ही धुन में खुद को तोड़ आए हम
ये बंदिशें, ये टोकना, ये कायदे सब बेमानी हैंहमारी रूह की उड़ान अभी तो बस कहानी है
हम बागी हैं, हम आवारा, हम खुद के ही खुदा हैंजो कल तक थी बंदिशें, वो आज बस हवा हैंदौड़ते हैं हम रोशनी के उस पार जाने कोजीते हैं हम अपनी मर्जी से, किसी को क्या बताने को
घड़ी की सुइयों ने जो घेरा था हमेंवक्त की कैद से हमने फेरा था हमेंअब न कोई डर है, न कोई फिक्र पुरानीलिख रहे हैं खुद ही हम अपनी ये जिंदगानीचेहरों पर बिखरी है एक अलग सी चमकसितारों को छूने की है दिल में ये धमक
हम बागी हैं, हम आवारा, हम खुद के ही खुदा हैंजो कल तक थी बंदिशें, वो आज बस हवा हैंदौड़ते हैं हम रोशनी के उस पार जाने कोजीते हैं हम अपनी मर्जी से, किसी को क्या बताने को
रास्ते बदल रहे हैं, कदम बहक रहे हैंखामोश थे जो लब, अब वो चहक रहे हैंकोई रोके तो रुकना नहीं है हमेंखुद की आग में अब झुलसना है हमें
हम बागी हैं, हम आवारा, हम खुद के ही खुदा हैंजो कल तक थी बंदिशें, वो आज बस हवा हैंदौड़ते हैं हम रोशनी के उस पार जाने कोजीते हैं हम अपनी मर्जी से, किसी को क्या बताने को
खुद के ही खुदा हैंखुद की ही हवा हैंबस हम हैं और ये रास्ताअब न कोई वास्ताआज़ाद हैं, आज़ाद हैं।
हम बागी
सुरबागी
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