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Duration3:25

सफर-ए-खुदी

राही रागिनी

इंडि-पॉप

About

एक जीवंत इंडि-पॉप ट्रैक जो आधुनिक सिंथेसाइज़र और पारंपरिक तबला थाप का एक अनूठा मिश्रण पेश करता है। इसमें एक आकर्षक वोकल हुक और एक पॉलिश की हुई प्रोडक्शन शैली है जो आत्म-खोज की भावना को पूरी तरह से दर्शाती है।

Lyrics

intro

जाने कब से ये रास्ता धुंधला सा थाअपने ही साये से मैं अजनबी सा थाएक अनकहा मोड़, एक नया सवेराखुद को ढूँढने का ये खेल गहरा

verse

आईने में झाँका तो चेहरा मिलापर वो मुस्कान कहीं खोई हुई थीभीड़ में चलते-चलते थक गया था मनमेरी अपनी धड़कन कहीं सोई हुई थीकिताबों के पन्नों में खुद को पढ़ाअधूरे वाक्यों में अर्थ ढूँढता रहा

pre-chorus

हवाओं ने दस्तक दी, दरवाज़ा खुलाजो था अंदर छिपा, वो रंग अब मिला

chorus

मैं खुद से मिल रहा हूँ, आज पहली बारये मेरी अपनी दुनिया, ये मेरा अपना प्यारना कोई बंधन, ना कोई अब सवालमैं अपनी ही धुन में, बेफिक्र बेहालखुद को पाना ही तो, सबसे बड़ी जीत है

verse

पुराने रास्तों को पीछे छोड़ आयाजो ख्वाब टूटे थे, उन्हें फिर से जोड़ादूसरों की नज़रों का बोझ था भारीअब अपना ही सफ़र है, अपनी ये सवारीगलतियों में छिपी थी मेरी पहचानअब समझ आया मुझे, क्या है ये जहान

chorus

मैं खुद से मिल रहा हूँ, आज पहली बारये मेरी अपनी दुनिया, ये मेरा अपना प्यारना कोई बंधन, ना कोई अब सवालमैं अपनी ही धुन में, बेफिक्र बेहालखुद को पाना ही तो, सबसे बड़ी जीत है

bridge

धूप में खिली कलियाँ, बारिश की बूँदेंखुली हैं अब मेरी ये आँखें जो थीं मूँदेंजो भी हूँ मैं, जैसा भी हूँ, हक़ीक़त हूँमैं अपनी ही कहानी की, इनायत हूँ

chorus

मैं खुद से मिल रहा हूँ, आज पहली बारये मेरी अपनी दुनिया, ये मेरा अपना प्यारना कोई बंधन, ना कोई अब सवालमैं अपनी ही धुन में, बेफिक्र बेहालखुद को पाना ही तो, सबसे बड़ी जीत है

outro

हाँ, मैं मिल गयाअपनी ही राह मेंखुद को पा लियाअब इसी पनाह मेंमैं मिल गया।

सफर-ए-खुदी

राही रागिनी

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