सफर-ए-खुदी
राही रागिनी
इंडि-पॉप
About
एक जीवंत इंडि-पॉप ट्रैक जो आधुनिक सिंथेसाइज़र और पारंपरिक तबला थाप का एक अनूठा मिश्रण पेश करता है। इसमें एक आकर्षक वोकल हुक और एक पॉलिश की हुई प्रोडक्शन शैली है जो आत्म-खोज की भावना को पूरी तरह से दर्शाती है।
Lyrics
जाने कब से ये रास्ता धुंधला सा थाअपने ही साये से मैं अजनबी सा थाएक अनकहा मोड़, एक नया सवेराखुद को ढूँढने का ये खेल गहरा
आईने में झाँका तो चेहरा मिलापर वो मुस्कान कहीं खोई हुई थीभीड़ में चलते-चलते थक गया था मनमेरी अपनी धड़कन कहीं सोई हुई थीकिताबों के पन्नों में खुद को पढ़ाअधूरे वाक्यों में अर्थ ढूँढता रहा
हवाओं ने दस्तक दी, दरवाज़ा खुलाजो था अंदर छिपा, वो रंग अब मिला
मैं खुद से मिल रहा हूँ, आज पहली बारये मेरी अपनी दुनिया, ये मेरा अपना प्यारना कोई बंधन, ना कोई अब सवालमैं अपनी ही धुन में, बेफिक्र बेहालखुद को पाना ही तो, सबसे बड़ी जीत है
पुराने रास्तों को पीछे छोड़ आयाजो ख्वाब टूटे थे, उन्हें फिर से जोड़ादूसरों की नज़रों का बोझ था भारीअब अपना ही सफ़र है, अपनी ये सवारीगलतियों में छिपी थी मेरी पहचानअब समझ आया मुझे, क्या है ये जहान
मैं खुद से मिल रहा हूँ, आज पहली बारये मेरी अपनी दुनिया, ये मेरा अपना प्यारना कोई बंधन, ना कोई अब सवालमैं अपनी ही धुन में, बेफिक्र बेहालखुद को पाना ही तो, सबसे बड़ी जीत है
धूप में खिली कलियाँ, बारिश की बूँदेंखुली हैं अब मेरी ये आँखें जो थीं मूँदेंजो भी हूँ मैं, जैसा भी हूँ, हक़ीक़त हूँमैं अपनी ही कहानी की, इनायत हूँ
मैं खुद से मिल रहा हूँ, आज पहली बारये मेरी अपनी दुनिया, ये मेरा अपना प्यारना कोई बंधन, ना कोई अब सवालमैं अपनी ही धुन में, बेफिक्र बेहालखुद को पाना ही तो, सबसे बड़ी जीत है
हाँ, मैं मिल गयाअपनी ही राह मेंखुद को पा लियाअब इसी पनाह मेंमैं मिल गया।
सफर-ए-खुदी
राही रागिनी
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