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साँझ की तन्हाई
Duration3:38

साँझ की तन्हाई

पंडित सुधांशु चक्रवर्ती

शास्त्रीय हिंदुस्तानी

About

यह रचना एक गहरा और भावुक शास्त्रीय हिंदुस्तानी प्रदर्शन है, जिसमें तानपुरा के ड्रोन-लेयर पर सितार की सूक्ष्म मींड और तबला की जटिल ताल का सुंदर संगम है। इसमें राग-आधारित स्वर-विस्तार और मानवीय विरह की तड़प को बड़ी ही सादगी और प्राकृतिक ध्वनिक स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया गया है।

Lyrics

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साँझ की तन्हाई

पंडित सुधांशु चक्रवर्ती

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