झूमती चटनी रात
धोलक सम्राट और सखी
चटनी
About
यह गाना चटनी संगीत की जीवंत ऊर्जा को दर्शाता है, जिसमें ढोलक की पारंपरिक थाप और आधुनिक सोका-शैली के सिंथेसाइज़र का मिश्रण है। इसमें एक आकर्षक कॉल-एंड-रिस्पॉन्स संरचना है जो श्रोताओं को नाचने के लिए मजबूर कर देती है।
Lyrics
ढोल की थाप पे दिल ये डोलेआज तो बस खुशियाँ ही बोलेकमर हिला के झूम ले तूआज की रात को चूम ले तू
आँगन में सजी है महफिल प्यारीरंगों की छटा है दुनिया से न्यारीसबके चेहरे पे है नूर छायाखुशियों का मौसम है घर पे आयाहाथों में हाथ ले, कदम मिला लेदिल की हर बात को आज बता ले
ओ मेरी सखी, ओ मेरे यारआज नाचेंगे हम बार-बारधमक है ऐसी, कदम न रुकेंखुशियों के आगे सब झुकेंचटनी की मस्ती में खो जा तूआज की रात बस मेरा हो जा तू
पुरानी यादों को पीछे छोड़ देदिल के सारे बंधन तू तोड़ देहवा में घुली है मीठी सी लयसब कुछ भूल के तू बस ये कहकि वक्त रुक जाए इसी मोड़ परखुशियाँ बिछा दें हम हर ओर पर
घूम के आ, थोड़ा और घूम लेखुशियों को बाहों में तू चूम लेन कोई गम, न कोई फ़िक्र हैआज तो बस अपना ही ज़िक्र हैतेज़ रफ़्तार में धड़कन चलेसपनों के पीछे हम सब चलें
ओ मेरी सखी, ओ मेरे यारआज नाचेंगे हम बार-बारधमक है ऐसी, कदम न रुकेंखुशियों के आगे सब झुकेंचटनी की मस्ती में खो जा तूआज की रात बस मेरा हो जा तू
झूम झूम के रात बितानीलिखनी है हमको नई कहानीधमक वही, रफ़्तार वहीखुशियों की है बहार यहीबस नाचते रह, तू नाचते रहमेरे साथ तू बस नाचते रह
झूमती चटनी रात
धोलक सम्राट और सखी
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