Skip to content
श्याम सुंदर की जय हो
Duration3:54

श्याम सुंदर की जय हो

भक्ति तरंग

भजन

About

यह एक पारंपरिक भजन है जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले के लयबद्ध चक्र का सुंदर मेल है। इसमें भक्तिपूर्ण कॉल-एंड-रस्पॉन्स गायन शैली का उपयोग किया गया है जो धीरे-धीरे एक गहन आध्यात्मिक तीव्रता की ओर बढ़ता है।

Lyrics

intro

मन की गलियों में छाई है खामोशीअब तो बस तेरी ही बची है मदहोशीसांसों की डोरी तुझसे ही जुड़ी हैमेरी रूह तुझमें ही आके मुड़ी है

verse

अंधियारे पथ पर तू ही दीया हैमैंने तो बस तुझको ही जिया हैदुनिया के मेले में खोया था जो मैंतुझमें ही खुद को मैंने पाया है

chorus

हे प्रभु, तू ही मेरी मंज़िल का तारासागर की लहरों में तू ही किनारातेरी चरण धूलि माथे पे लगा लूंतेरी ही भक्ति में खुद को मिटा लूं

call-and-response
गाओ

श्याम सुंदर की जय हो

सुनो

मन के मंदिर की जय हो

गाओ

प्रेम के सागर की जय हो

सुनो

मुक्ति के पथ की जय हो

crescendo

तेरा नाम जपुं, दिन-रात जपुंतेरी याद में मैं, हर बात जपुंअग्नि सी बढ़ती, ये प्यास मेरीतू ही है स्वामी, ये आस मेरीतू ही है स्वामी, ये आस मेरी

call-and-response
गाओ

राम नाम की जय हो

सुनो

सत्य धाम की जय हो

गाओ

प्रेम के सागर की जय हो

सुनो

मुक्ति के पथ की जय हो

outro

शांत हुआ मन, शांत हुई कायातुझमें ही प्रभु, सब कुछ है पायासब कुछ है पायासब कुछ है पाया

श्याम सुंदर की जय हो

भक्ति तरंग

Preview

श्याम सुंदर की जय हो by भक्ति तरंग | EchoLoRA: Generate a Song with AI