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Duration3:20

चटनी की ताल

रंगीला सवेरा

चटनी

About

यह गीत पारंपरिक ढोलक की थाप और आधुनिक सोका-प्रेरित सिंथेसाइज़र का एक जीवंत मेल है। इसमें ढंटाल की धात्विक ध्वनि और उत्साहपूर्ण वोकल डिलीवरी का उपयोग किया गया है जो किसी भी महफिल में जान डाल देती है।

Lyrics

intro

ढोलक की थाप पे दिल ये मचल जाएआज महफिल में रंगत है छाईसब मिलकर नाचो, सब गाओ आजखुशियों की देखो कैसी रुत है आई

verse 1

आंगन में देखो सजी है बहारअपनों का साथ और प्यार का खुमारपैरों में घुंघरू, लबों पे हंसीआज रात गुज़रेगी मस्ती में हीधड़कन में देखो ये कैसी उमंगसब रंगे आज एक ही रंग

chorus

चटनी की ताल पे झूमे ये जहानमस्ती में डूबा है सारा ये समांकमर लचका के सब नाचो आजखुशियों का देखो ये प्यारा सा राजचटनी की ताल पे झूमे ये जहानमस्ती में डूबा है सारा ये समां

verse 2

पुरानी यादें और नया ये जोशनाचते-नाचते खो जाए होशहवाओं में घुली है मीठी सी धुनसब थिरकते हैं आज बनके जुनूँन कोई पराया, न कोई यहाँ दूरसब गा रहे हैं ये मस्ती में चूर

chorus

चटनी की ताल पे झूमे ये जहानमस्ती में डूबा है सारा ये समांकमर लचका के सब नाचो आजखुशियों का देखो ये प्यारा सा राजचटनी की ताल पे झूमे ये जहानमस्ती में डूबा है सारा ये समां

instrumental break
bridge

घूम के आ, फिर से गाखुशियों का ये कारवांरात ढलने न देना, पल ठहरने न देनामस्ती की लहरों में बहते ही रहनासबके दिलों में बस प्यार है पलताआज का ये पल है सबसे अनोखा

chorus

चटनी की ताल पे झूमे ये जहानमस्ती में डूबा है सारा ये समांकमर लचका के सब नाचो आजखुशियों का देखो ये प्यारा सा राजचटनी की ताल पे झूमे ये जहानमस्ती में डूबा है सारा ये समां

outro

झूमते रहो, गाते रहोखुशियाँ यूँ ही बांटते रहोये समां, ये रात, ये प्यारयाद रहेगा ये त्यौहारझूमते रहो, गाते रहोझूमते रहो, गाते रहो

चटनी की ताल

रंगीला सवेरा

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