शोर का पहरा
अंबर के विद्रोही
इंडियन रॉक
About
यह गीत भारी इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स और पारंपरिक सितार की धुन का एक शक्तिशाली मिश्रण है। इसमें तबले की तेज लय और रॉक ड्रम बीट्स का तालमेल है जो आधुनिक शहर के शोर और मानवीय संघर्ष को दर्शाता है।
Lyrics
धुंधली सी गलियों में शोर का पहरा हैकल की उम्मीदों पे आज का जो गहरा हैउठते हुए धुएं में खोया हुआ सा शहरक्या मेरी रूह को अब भी है कोई सहर?
दीवारों पे लिखे हुए वो पुराने नामबदलते दौर में अब गुमनाम हैं तमामसीमेंट के जंगल में सांसें घुटती हैंपुरानी यादें अब आंखों में चुभती हैंदौड़ती भागती ये भीड़ का है कारवांखो गया है कहीं अपना ही आसमां
जंजीरें तोड़कर मैं आगे निकलूं क्या?हकीकत के साये में खुद को बदलूं क्या?रगों में दौड़ती है अब एक नई आगमिटाने चला हूं मैं हर एक पुराना दाग
ये शोर है या मेरी ही पुकार है?बदलाव की इस हवा में क्या सवार है?उड़ान भरनी है अब आसमां के पारमिटा के फासले, ये कैसा है खुमार?ये शोर है या मेरी ही पुकार है?
किताबों के पन्नों में दबी वो पुरानी रीतशोर के इस मेले में खो गई है मेरी प्रीतमशीनों की धड़कन में खोया है इंसानबना बैठा है खुद ही अपना ही मेहमानचेहरों पे नकाब और हाथों में खामोशीखुद से दूर होने की ये कैसी है मदहोशी?
जंजीरें तोड़कर मैं आगे निकलूं क्या?हकीकत के साये में खुद को बदलूं क्या?रगों में दौड़ती है अब एक नई आगमिटाने चला हूं मैं हर एक पुराना दाग
ये शोर है या मेरी ही पुकार है?बदलाव की इस हवा में क्या सवार है?उड़ान भरनी है अब आसमां के पारमिटा के फासले, ये कैसा है खुमार?
रास्ता कठिन है पर चलना ही होगाअंधेरे को चीर के निकलना ही होगातपिश में पिघलेंगे ये पत्थर के इरादेपूरे होंगे अब वो सब पुराने वादेआंधियां भी आएंगी, तूफान भी टकराएंगेहम रुकेंगे नहीं, हम आगे ही जाएंगे
भीतर का ये सन्नाटा अब टूटने लगा हैख्वाबों का परिंदा अब छूटने लगा हैनई सुबह की आहट है इन कदमों मेंजुनून की ये लहर है अब इन नसों में
ये शोर है या मेरी ही पुकार है?बदलाव की इस हवा में क्या सवार है?उड़ान भरनी है अब आसमां के पारमिटा के फासले, ये कैसा है खुमार?
खामोशियां अब बोलने लगी हैंहकीकत की राहें खुलने लगी हैंखुद को पा लिया है इस शोर के बीचमिट गई है अब वो पुरानी हर एक खींचसिर्फ मैं... और मेरा ये सफर...नया सवेरा... नया शहर...
शोर का पहरा
अंबर के विद्रोही
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