नज़रों की इबादत
ईशान इवानी
बॉलीवुड
About
यह गीत एक मधुर बॉलीवुड प्रेम गाथा है जिसमें तबला और ढोलक की पारंपरिक थाप के साथ आधुनिक सिंथेसाइज़र और भव्य स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रेशन का मिश्रण है। इसमें राग-आधारित रागों का उपयोग करते हुए भावुक गायन और परतों में सजी हार्मोनियां शामिल हैं, जो एक सिनेमाई अनुभव प्रदान करती हैं।
Lyrics
हवाओं में घुली है ये कैसी महकधड़कनें मेरी हो गईं बेकलपलकों के साये में कोई ख्वाब पलता हैतेरा ही नाम अब तो हर लफ्ज़ कहता है
गली के नुक्कड़ पे ठहरी वो शामतेरी बातों में खोया है मेरा मुकामवो काजल की लकीरें, वो बिंदिया का नूरमेरे पास आके भी, तू क्यों है इतनी दूर?तेरी पायल की छन-छन, दिल को धड़काएमेरी रूह में बस तू ही बसती जाए
नज़रों का ये खेल है या कोई इबादततुझसे जुड़ी है मेरी हर एक आदतखामोशियों में भी तू शोर बनके आती हैमेरी रातों की नींदें तू ही उड़ाती है
ओ सजना, तू ही मेरी मंज़िल का पतातेरे बिन अधूरी है ये मेरी दास्तांतू जो मिले तो फिज़ाओं में बहार आएतेरी चाहत में ये दिल खुदा को भूल जाएमेरे जज़्बातों की तू ही तो है रज़ाओ सजना, तू ही मेरी मंज़िल का पता
वो हँसी तेरी जैसे कोई सावन की फुहारमिटा दे मेरे सारे गमों के ये गुबारतेरी सादगी ने मुझे दीवाना कियामुझको मेरी ही राहों से बेगाना कियातू साथ हो तो लगता है जहान अपनाजीने का अब बस यही है एक सपना
कभी-कभी डर लगता है, खो न दूँ तुझेक्या तू भी कभी ढूँढती है मुझे?ये दूरियाँ अब मिटा दे, आ पास मेरेमेरे दिन और रात अब बस हैं तेरे
ओ सजना, तू ही मेरी मंज़िल का पतातेरे बिन अधूरी है ये मेरी दास्तांतू जो मिले तो फिज़ाओं में बहार आएतेरी चाहत में ये दिल खुदा को भूल जाएमेरे जज़्बातों की तू ही तो है रज़ाओ सजना, तू ही मेरी मंज़िल का पता
तू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी चाहततेरी ही बाहों में हो मेरी आख़िरी राहतबस तू ही...बस तू ही...मेरी मंज़िल का पता।
नज़रों की इबादत
ईशान इवानी
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