अनहद का स्पंदन
नूर-ए-सिंधु
इंडियन इलेक्ट्रॉनिक
About
यह ट्रैक पारंपरिक राग-आधारित माधुर्य और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बीट्स का एक अनूठा संगम है। इसमें तबला की जटिल तालों को सिंथेसाइज़र के वायुमंडलीय साउंडस्केप के साथ जोड़ा गया है, जो एक ध्यानपूर्ण और ऊर्जावान अनुभव प्रदान करता है।
Lyrics
हवाओं में घुली है कोई अनजानी सी पुकारखामोश रातों में जागता है एक गहरा खुमारसफर लंबा है, मंज़िल का पता नहींये दिल है कि रुकने की कोई वजह नहीं
सा रे गा म प ध नि साअनहद की गूँज में खोया जहाँसा नि ध प म गा रे साशून्यता में बिखरा है मेरा कारवां
धड़कनें तेज़ हैं, साँसें बेताब हैंख्वाबों के शहर में हम भी नवाब हैंमिट्टी की खुशबू और तारों की चमकनसों में दौड़ती है बिजली सी दमकये पल थमा है, ये पल जुदा हैजो कल था, वो आज कहाँ है
उड़ान भर ले, खुद से तू मिल लेआसमान के रंगों में खुद को तू सिल लेन कोई सीमा, न कोई बंधनबस रूह का एक अनूठा स्पंदनउड़ान भर ले, खुद से तू मिल ले
भीड़ में खोकर भी खुद को पाया हैअंधेरों में भी मैंने नूर सजाया हैपरछाइयों से अब डरना कैसाजब भीतर ही बसा है ये सारा तमाशागहराई में उतर, सतह छोड़ देअपने ही बनाए हर नाते को तोड़ दे
उड़ान भर ले, खुद से तू मिल लेआसमान के रंगों में खुद को तू सिल लेन कोई सीमा, न कोई बंधनबस रूह का एक अनूठा स्पंदनउड़ान भर ले, खुद से तू मिल ले
सा रे गा म प ध नि सासमाप्त हुआ ये सफर का सिलसिलासा नि ध प म गा रे साअब सब कुछ है शांत, सब कुछ है मिलासब कुछ है मिलासब कुछ है मिला
अनहद का स्पंदन
नूर-ए-सिंधु
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