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अनहद का स्पंदन
Duration3:47

अनहद का स्पंदन

नूर-ए-सिंधु

इंडियन इलेक्ट्रॉनिक

About

यह ट्रैक पारंपरिक राग-आधारित माधुर्य और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बीट्स का एक अनूठा संगम है। इसमें तबला की जटिल तालों को सिंथेसाइज़र के वायुमंडलीय साउंडस्केप के साथ जोड़ा गया है, जो एक ध्यानपूर्ण और ऊर्जावान अनुभव प्रदान करता है।

Lyrics

intro

हवाओं में घुली है कोई अनजानी सी पुकारखामोश रातों में जागता है एक गहरा खुमारसफर लंबा है, मंज़िल का पता नहींये दिल है कि रुकने की कोई वजह नहीं

raga-alap

सा रे गा म प ध नि साअनहद की गूँज में खोया जहाँसा नि ध प म गा रे साशून्यता में बिखरा है मेरा कारवां

build-up

धड़कनें तेज़ हैं, साँसें बेताब हैंख्वाबों के शहर में हम भी नवाब हैंमिट्टी की खुशबू और तारों की चमकनसों में दौड़ती है बिजली सी दमकये पल थमा है, ये पल जुदा हैजो कल था, वो आज कहाँ है

drop

उड़ान भर ले, खुद से तू मिल लेआसमान के रंगों में खुद को तू सिल लेन कोई सीमा, न कोई बंधनबस रूह का एक अनूठा स्पंदनउड़ान भर ले, खुद से तू मिल ले

breakdown

भीड़ में खोकर भी खुद को पाया हैअंधेरों में भी मैंने नूर सजाया हैपरछाइयों से अब डरना कैसाजब भीतर ही बसा है ये सारा तमाशागहराई में उतर, सतह छोड़ देअपने ही बनाए हर नाते को तोड़ दे

drop

उड़ान भर ले, खुद से तू मिल लेआसमान के रंगों में खुद को तू सिल लेन कोई सीमा, न कोई बंधनबस रूह का एक अनूठा स्पंदनउड़ान भर ले, खुद से तू मिल ले

outro

सा रे गा म प ध नि सासमाप्त हुआ ये सफर का सिलसिलासा नि ध प म गा रे साअब सब कुछ है शांत, सब कुछ है मिलासब कुछ है मिलासब कुछ है मिला

अनहद का स्पंदन

नूर-ए-सिंधु

Preview

अनहद का स्पंदन by नूर-ए-सिंधु | EchoLoRA: Generate a Song with AI