तू पास आ
अनुराग द्विवेदी
इंडि-पॉप
About
यह गाना एक आधुनिक इंडि-पॉप ट्रैक है जिसमें पारंपरिक सितार की धुनों को सिंथेसाइज़र और ढोलक की थाप के साथ खूबसूरती से जोड़ा गया है। इसमें एक मेलोडिक वोकल हुक और पॉप कॉर्ड संरचना है जो 90 के दशक के नॉस्टेल्जिया और आज के इलेक्ट्रॉनिक साउंड डिज़ाइन का एक परिष्कृत मिश्रण प्रस्तुत करती है।
Lyrics
ओह-ओह, ये हवाएंओह-ओह, तेरी यादें
गली के मोड़ पे खड़ी वो शाम याद हैतेरी बातों में छिपी वो बात याद हैसाइकिल की घंटी और हँसते हुए चेहरेवो बचपन के दिन, वो ख्वाब सुनहरेअब भीड़ में खो गए हम कहींपर दिल में वही यादें अभी भी हैं यहीं
धड़कनें बढ़ने लगी हैं फिर सेरास्ता मुड़ने लगा है तेरी ओरदिल मेरा कहने लगा है अब तोछोड़ के सब कुछ, बस चल दे तू दौड़
तू पास आ, ये पल ठहर जाने देइन आँखों में अपना घर बना लेने देहवाओं में घुली है तेरी खुशबू आजतू मिल गई तो बदल जाएगा ये मिजाजओह-ओह, तू पास आ
खिड़की के बाहर वो बारिश की बूंदेंयाद दिलाती हैं तेरी वो बातें अनसुनीशहर की इन रोशनियों में भी अंधेरा हैतेरी कमी का एहसास गहरा हैतस्वीर तेरी आज भी सीने में कैद हैतू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी हद है
धड़कनें बढ़ने लगी हैं फिर सेरास्ता मुड़ने लगा है तेरी ओरदिल मेरा कहने लगा है अब तोछोड़ के सब कुछ, बस चल दे तू दौड़
तू पास आ, ये पल ठहर जाने देइन आँखों में अपना घर बना लेने देहवाओं में घुली है तेरी खुशबू आजतू मिल गई तो बदल जाएगा ये मिजाज
वक़्त की इस दौड़ में हम कहाँ आ गएपुरानी उन गलियों को पीछे छोड़ आएपर आज भी जब तेरा नाम आता हैये दिल फिर से वही पुरानी धुन गुनगुनाता है
तू पास आ, ये पल ठहर जाने देइन आँखों में अपना घर बना लेने देहवाओं में घुली है तेरी खुशबू आजतू मिल गई तो बदल जाएगा ये मिजाज
तू पास आ...बस पास आ...ये पल ठहर जाने दे...ओह-ओह, यादें...
तू पास आ
अनुराग द्विवेदी
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