भीगी रूह की पुकार
मेघना मिश्रा
Indian Pop
About
यह गीत आधुनिक ईडीएम बीट्स और पारंपरिक ढोलक की थाप का एक जीवंत मिश्रण है, जिसमें एक आकर्षक मेलोडिक हुक और बॉलीवुड-प्रेरित सिंथेसाइज़र का उपयोग किया गया है। इसका उत्पादन पॉलिश और ऊर्जावान है, जो एक रोमांटिक और उत्सवपूर्ण वातावरण बनाता है।
Lyrics
ओ ओ ओ, सावन की ये पहली फुहारधड़कन में छिपी है कोई नई पुकारहवाओं में घुली है तुम्हारी महकखो गई है मुझमें मेरी ही ये तड़प
गली के नुक्कड़ पे ठहरी हुई वो शामजुबां पे बस तुम्हारा ही रहता है नामशराब-ए-आंखों में डूबी मेरी ये रूहतुमसे ही शुरू, तुमसे ही है मेरी तूहभीगी हुई सड़कों पे नंगे पैर चल रहेख्वाबों के दिए हम साथ मिलकर जल रहे
ये शहर की भीड़, ये शोर-शराबा सब धुंधलातेरे आने से ही तो हर एक लम्हा है संभलावो मुस्कुराहट, वो काजल की एक लकीरबदल गई मेरी तो पूरी की पूरी तकदीरइश्क की गलियों में हम खोए ही रहते हैंदिल की बातें हम बस नजरों से कहते हैं
धड़कनें तेज़ हैं, साँसें बेकाबू हैंतुम हो तो लगता है, सब कुछ ही जादू हैरंगों की होली है, खुशियों का ये मेलाअब न रहना है मुझे कभी भी अकेला
तुम जो मिले तो ये जहान महक गयाप्यार का ये दरिया, देखो आज बह गयाधड़कनें गाती हैं बस तुम्हारा ही तरानामेरे दिल का है ये बस एक ही ठिकानातुम जो मिले, तुम जो मिले...
चाँदनी रात है, सितारों की है ये महफिलधड़कन की लय पे थिरकने लगा है ये दिलहाथों में हाथ हो, बस यही दुआ मांगूँतेरी ही खुशबू में मैं खुद को हूँ मैं टांगूँकोई न आए, बस हम दोनों का ये सफरकट जाए उम्र, हो न कोई भी फिक्र
ज़रा पास आओ, कि दूरियाँ ये मिट जाएंये पल थम जाए, और हम इसमें ही खो जाएंकोई न टोके, कोई न रोके ये जज्बातमुकम्मल हो जाए हमारी ये मुलाक़ातधड़कन का हर एक तार तुमसे ही जुड़ा हैमेरा हर एक लम्हा तुमपे ही फिदा है
नाचे ये मन, झूमे ये तनतेरी ही यादों का है ये चमनओ ओ ओ, तू ही मेरा हमसफरओ ओ ओ, तू ही मेरी डगर
सुबह की किरणें, ढलती हुई ये शामबस एक बार ले लो तुम मेरा नामरंगों में घुली है ये मोहब्बत की दास्तानतुझसे ही शुरू, तुझसे ही है ये आसमानसारी दुनिया को अब मैंने पीछे छोड़ातेरे लिए ही तो ये रिश्ता मैंने जोड़ा
तुम जो मिले तो ये जहान महक गयाप्यार का ये दरिया, देखो आज बह गयाधड़कनें गाती हैं बस तुम्हारा ही तरानामेरे दिल का है ये बस एक ही ठिकानातुम जो मिले, तुम जो मिले...
तेरी बातों में खोए रहना अच्छा लगता हैतेरी आँखों में सवेरा दिखना अच्छा लगता हैकोई न समझे, ये अपना ही तो है खुमारबढ़ता ही जाए, ये बेपनाह सा प्यार
सावन की फुहार, तुम और ये प्यारधड़कन का तराना, मेरा ये संसारतुम जो मिले... तुम जो मिले...मेरे दिल का ठिकाना, बस तुम...बस तुम...
भीगी रूह की पुकार
मेघना मिश्रा
Preview