तुम ही आधार प्रभु
जगमोहन दास
Indian Devotional
About
यह गीत एक गहन भक्तिपूर्ण रचना है जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की पारंपरिक थाप का सुंदर संगम है। इसमें गायक की भावपूर्ण आवाज़ ईश्वर के प्रति समर्पण और आत्म-साक्षात्कार के भावों को गहराई से व्यक्त करती है।
Lyrics
ओम् नमो भगवतेशून्य में खोजती मेरी आँखेंभीतर के उस मौन को पुकारतीमेरी सांसें, मेरी धड़कनें
मिट्टी की इस काया मेंएक ज्योति जलती है बाहर की इन गलियों से दूर ये चलती है मैं तो बस एक प्यासा पंछीतेरी ओर उड़ता हूँअपने ही अस्तित्व कोतुझमें ही जोड़ता हूँ
मेरे प्रभु, तुम ही आधार होमेरे मन का तुम ही संसार होसांसों की माला में नाम तुम्हारातुम ही किनारा, तुम ही सहारातुम ही सहारा
न कोई बंधन, न कोई मायातेरी ही छाया में मैंने खुद को पायाभीड़ में खोया था जो रास्ता वो अब मिल गया हैतेरी भक्ति का फूल मेरे हृदय में खिल गया है
हरि का नाम
अंतस का धाम
हरि का नाम
परम विश्राम
हरि का नाम
मुक्ति के द्वार
अहंकार की ये दीवारेंअब ढहने लगी हैं तेरी करुणा की लहरेंमुझको बहने लगी हैं न मैं रहा, न मेरी कोई पहचानतू ही है धड़कन, तू ही है प्राण
सागर की गहराई में जैसेएक बूंद खो जाती हैवैसे ही मेरी आत्मातुझमें समा जाती हैकोई तर्क नहीं, कोई शोर नहींबस प्रेम की डोर हैप्रेम की डोर है
मेरे प्रभु, तुम ही आधार होमेरे मन का तुम ही संसार होसांसों की माला में नाम तुम्हारातुम ही किनारा, तुम ही सहारा
अब तो बस एक ही चाहत हैतुझे हर पल देखूँतेरी रज़ा में हीअपनी तक़दीर को लेखूँ शांत है मन, शीतल है तनतेरी कृपा से महका है ये जीवन
ओम् शांति
ओम् शांति
ओम् शांति
ओम् शांति
ओम् शांति
ओम् शांति
अंधेरे के इस सफ़र मेंतुम ही उजाला होमेरी हर एक उलझन कातुम ही तो ताला होखो गया मैं तुझमें ऐसेजैसे चाँद में चांदनीअब तो बस तू ही तू हैमेरे जीवन की रागिनी
मेरे प्रभु, तुम ही आधार होमेरे मन का तुम ही संसार होसांसों की माला में नाम तुम्हारातुम ही किनारा, तुम ही सहारा
ओम् शांति, ओम् शांतिमेरे भीतर का आकाश तू हैमेरी हर एक प्यास तू हैतू ही हैबस तू ही हैशांति... शांति... शांति...
तुम ही आधार प्रभु
जगमोहन दास
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