भक्ति की धारा
स्वरभक्ति
भारतीय भक्ति संगीत
About
यह एक अत्यंत शांत और ध्यानपूर्ण रचना है जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का सुंदर समन्वय है। गायन-प्रधान इस गीत में भक्ति और समर्पण का भाव गहराई से पिरोया गया है, जो श्रोता को एक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
Lyrics
ओम् नमो, ओम् नमोसाँसों की डोरी, तेरी ही डोर हैमन का ये पंछी, तेरी ही ओर है
अंधियारी रातों में, तू ही सवेरामिट जाए पल में, ये भ्रम का घेरासब कुछ तेरा है, मेरा क्या यहाँतू ही है मंज़िल, तू ही है जहाँ
तेरे चरणों में अर्पण, ये जीवन सारातू ही किनारा, तू ही सहाराभक्ति की धारा में, मैं बहता जाऊँखुद को मिटाकर, तुझे ही पाऊँ
- तू ही सत्य है
- तू ही लक्ष्य है
- तेरी शरण में
- शांति का वास है
ना कोई बंधन, ना कोई दूरीतेरी रज़ा में, हर बात पूरीहृदय के मंदिर में, ज्योत जला दीतूने ही मुझको, दुनिया भुला दी
तेरे चरणों में अर्पण, ये जीवन सारातू ही किनारा, तू ही सहाराभक्ति की धारा में, मैं बहता जाऊँखुद को मिटाकर, तुझे ही पाऊँ
ओम् शांति, ओम् शांतितू ही है, बस तू ही हैमेरे भीतर, मेरे बाहरओम् नमो, ओम् नमो
भक्ति की धारा
स्वरभक्ति
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