संघर्ष की लकीरें
नुक्कड़ नायक
Indian Hip Hop
About
यह ट्रैक भारी 808 सब-बास और क्लासिकल सितार के नमूनों का एक शक्तिशाली मिश्रण है। इसमें एक आक्रामक हिप-हॉप बीट के साथ सामाजिक-राजनीतिक विषयों को पिरोया गया है, जो एक शहरी भारतीय वातावरण को दर्शाता है।
Lyrics
धूल भरी ये राहें, पैरों में छाले हैंमंज़िल की तलाश में, हम तो मतवाले हैंसपनों का बोझ है, आँखों में चिंगारीये ज़मीन मेरी, ये रूह मेरी है प्यारी
गली के नुक्कड़ पे खड़ा, मैं खुद से ही लड़ता हूँअपने ही साये से, अब मैं आगे बढ़ता हूँकंक्रीट के जंगल में, इंसानी फितरत खोईयहाँ शोर बहुत है, पर सुकून की बात नहीं कोईकिस्मत की लकीरें, मैंने खुद ही खींची हैंहौसलों की डोर से, मुश्किलें सब सींची हैंवो कहते थे रुक जा, मैं भागा तूफ़ान बनकेमिट्टी की खुशबू बसी, रगों में पहचान बनके
दीवारें ऊँची हैं, पर इरादे फौलादी हैंकल की फिक्र नहीं, आज हम ही आबादी हैंलहू में उबाल है, न रुकने की कोई बात हैये संघर्ष ही तो, मेरी असली औकात है
उठ खड़ा हो तू, ये वक़्त तेरा हैज़माने की नज़रों में, जो अंधेरा हैमिटा दे लकीरें, जो तुझको बाँधती हैंतेरी मेहनत की आग, अब राहें मापती हैंमेरा शहर, मेरी धुन, मेरी ये पहचानउड़ान भरनी है अब, छूना है आसमान
किताबों के पन्नों में, जो सच नहीं लिखा हैवो मैंने अपनी आँखों से, हर रोज़ यहाँ देखा हैअमीरी की अकड़ में, गरीबी को रौंदा हैपर मैंने अपने जमीर को, कभी न सौदा हैये ज़मीर मेरा, मेरी सबसे बड़ी दौलतमेहनत के पसीने की, अपनी एक अलग शौकतहाथों में कलम है, ज़ुबान पर एक नारा हैअंधेरी गलियों का, मैं ही अब सितारा हूँ
गिर के संभलना, यही तो दस्तूर हैमंजिल तो पास है, बस तू थोड़ा दूर हैन झुकना किसी के आगे, न डरना किसी बात सेकिस्मत बदलेगी तेरी, बस अपने ही जज्बात सेतू शेर है, तू रक्षक है, तू खुद ही अपनी ताकत है
उठ खड़ा हो तू, ये वक़्त तेरा हैज़माने की नज़रों में, जो अंधेरा हैमिटा दे लकीरें, जो तुझको बाँधती हैंतेरी मेहनत की आग, अब राहें मापती हैंमेरा शहर, मेरी धुन, मेरी ये पहचानउड़ान भरनी है अब, छूना है आसमान
ये तो बस शुरुआत हैअभी तो पूरी कायनात हैमिट्टी से जुड़े हैं, आसमानों को छूना हैहमारा रास्ता, हमारा ही नमूना हैउठो, लड़ो, और जीत जाओ...बस जीते जाओ।
संघर्ष की लकीरें
नुक्कड़ नायक
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