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Duration4:15

सांसों की गजल

ज़ोया रूहानी

बॉलीवुड

About

यह गीत एक आधुनिक बॉलीवुड रोमांटिक ट्रैक है जिसमें तबला और ढोलक की पारंपरिक थाप के साथ भव्य स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रेशन का मिश्रण है। इसमें राग-प्रेरित मेलोडिक लाइनों और लेयर्ड हारमनी का उपयोग किया गया है जो एक सिनेमाई अनुभव प्रदान करते हैं।

Lyrics

intro

ओ ओ ओ, ओ ओ ओधड़कन की ये कैसी हलचल हैसांसों में घुली कोई गजल है

verse

तेरी गलियों से जो गुज़रे तो रास्ता बदल गयामेरे दिल का पंछी बेखबर सा मचल गयाक्या खूब ये नशा है, क्या जादुई ये शाम हैतेरी खामोशियों में भी छपा मेरा नाम हैख्वाबों के झरोखे में तू ही तू नजर आती हैमेरी हर एक कोशिश तुझपे ही ठहर जाती है

pre-chorus

नजरें मिलीं तो पलकें झुक गईंहवाओं में खुशबू सी रुख बदल गईबेताबी ये कैसी, ये कैसा अजब सा है मोड़तूने खींच ली अपनी तरफ दिल की डोर

chorus

मेरे हमसफर, ओ मेरे हमनवातुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म ये कारवांतेरी मुस्कुराहट में छिपी है मेरी कायनाततू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी रातओ मेरे हमसफर, ओ मेरे हमनवा

bridge

कभी जो रूठे तो मना लूं तुझेकभी जो टूटे तो संवार लूं तुझेये फासले अब मिटा दे तूमेरे रूबरू आके बिठा दे तूजमाना कहे कुछ भी, मुझे परवाह नहींतुझ बिन मेरी कोई भी राह नहीं

instrumental-break
chorus

मेरे हमसफर, ओ मेरे हमनवातुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म ये कारवांतेरी मुस्कुराहट में छिपी है मेरी कायनाततू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी रात

outro

ओ मेरे हमसफर...बस तू ही...मेरी कायनात...ओ हमनवा...

सांसों की गजल

ज़ोया रूहानी

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