सांसों की गजल
ज़ोया रूहानी
बॉलीवुड
About
यह गीत एक आधुनिक बॉलीवुड रोमांटिक ट्रैक है जिसमें तबला और ढोलक की पारंपरिक थाप के साथ भव्य स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रेशन का मिश्रण है। इसमें राग-प्रेरित मेलोडिक लाइनों और लेयर्ड हारमनी का उपयोग किया गया है जो एक सिनेमाई अनुभव प्रदान करते हैं।
Lyrics
ओ ओ ओ, ओ ओ ओधड़कन की ये कैसी हलचल हैसांसों में घुली कोई गजल है
तेरी गलियों से जो गुज़रे तो रास्ता बदल गयामेरे दिल का पंछी बेखबर सा मचल गयाक्या खूब ये नशा है, क्या जादुई ये शाम हैतेरी खामोशियों में भी छपा मेरा नाम हैख्वाबों के झरोखे में तू ही तू नजर आती हैमेरी हर एक कोशिश तुझपे ही ठहर जाती है
नजरें मिलीं तो पलकें झुक गईंहवाओं में खुशबू सी रुख बदल गईबेताबी ये कैसी, ये कैसा अजब सा है मोड़तूने खींच ली अपनी तरफ दिल की डोर
मेरे हमसफर, ओ मेरे हमनवातुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म ये कारवांतेरी मुस्कुराहट में छिपी है मेरी कायनाततू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी रातओ मेरे हमसफर, ओ मेरे हमनवा
कभी जो रूठे तो मना लूं तुझेकभी जो टूटे तो संवार लूं तुझेये फासले अब मिटा दे तूमेरे रूबरू आके बिठा दे तूजमाना कहे कुछ भी, मुझे परवाह नहींतुझ बिन मेरी कोई भी राह नहीं
मेरे हमसफर, ओ मेरे हमनवातुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म ये कारवांतेरी मुस्कुराहट में छिपी है मेरी कायनाततू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी रात
ओ मेरे हमसफर...बस तू ही...मेरी कायनात...ओ हमनवा...
सांसों की गजल
ज़ोया रूहानी
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