सर्वस्व समर्पण
नंदकिशोर दास
भारतीय भक्ति संगीत
About
यह भक्ति गीत एक शांत और ध्यानमग्न अनुभव प्रदान करता है, जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का सुंदर मेल है। स्वर-प्रधान व्यवस्था श्रोता को ईश्वर की भक्ति में लीन करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Lyrics
ओम् नमो, ओम् नमोमन की गलियों में, तेरा ही वास हैसांसों की माला में, तेरा ही आस है
भीड़ से दूर, मैं खुद को ढूँढता रहापत्थरों में भी, मैं तुझे ही पूछता रहान कोई मंज़िल, न कोई राह का पताबस तेरी चाहत में, मिटता गया हर खताअंधियारे मन में, तू दीप सा जलता हैतू ही है जो हर पल, मेरे साथ चलता है
तुझमें खोया, खुद को मैंने पाया हैतेरी रज़ा में ही, सुख का साया हैहे प्रभु, तू ही है मेरा सर्वस्व यहाँतुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म जहाँ
- तू ही सत्य है
- तू ही भक्ति है
- तू ही मुक्ति है
- तू ही शक्ति है
झूठे हैं ये बंधन, ये मोह का जाल हैतेरी शरण में ही, सुकून का हाल हैमस्त हुआ मन, तेरा नाम जपते हुएनिकल पड़े हम, तेरी ओर बढ़ते हुएन कोई शिकवा, न कोई अब मलाल हैतू ही हकीकत, तू ही मेरा ख्याल है
सागर की लहरों सा, मन ये मचल जाएतेरी एक झलक से, सब कुछ बदल जाएमिट गई दूरी, अब कोई पर्दा नहींतुझसे अलग, मेरा कोई भी जर्रा नहीं
तुझमें खोया, खुद को मैंने पाया हैतेरी रज़ा में ही, सुख का साया हैहे प्रभु, तू ही है मेरा सर्वस्व यहाँतुझसे ही शुरू, तुझपे ही खत्म जहाँ
ओम् शांति, शांति, शांतितेरी ही शरण में, मेरा अंत होतेरी ही याद में, हर पल बसंत होओम्... ओम्... ओम्...
सर्वस्व समर्पण
नंदकिशोर दास
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