ख्वाबों की गलियां
खयाल खान
इंडि-पॉप
About
यह गाना एक आधुनिक इंडि-पॉप रचना है जिसमें पारंपरिक तबला और ढोलक की थाप के साथ सिंथेसाइज़र और इलेक्ट्रिक गिटार का बेहतरीन मिश्रण है। इसमें एक मधुर वोकल हुक और पॉप कॉर्ड संरचना है जो पुरानी यादों और रोमांस के भाव को खूबसूरती से दर्शाती है।
Lyrics
ओ ओ ओ, ख्वाबों की गलियों में,फिर वही पुरानी यादें।
सुबह की वो पहली चाय,और खिड़की से आती धूप,तेरी हँसी की वो मीठी धुन,जैसे खिलती हुई कोई धूप।मैं खोया सा रहता हूँ,उन्हीं रास्तों के मोड़ पर,जहाँ हमने छोड़े थे,कुछ किस्से अधूरे से।
हवाओं में घुली है,तेरी खुशबू की वो महक,दिल धड़कता है ज़ोर से,सुन ले ज़रा ये चहक।
ये इश्क है या कोई जादू,जो हर पल मुझे बुलाता है,तेरी आँखों के सागर में,मेरा दिल डूबता जाता है।तू पास नहीं फिर भी,तू हरदम साथ नज़र आती है,ये कैसी कशिश है,जो रूह को छू जाती है।
शहर की ये दौड़-भाग,और शोर-शराबा हर कहीं,पर तेरी बातों का सुकून,मिले न मुझे अब कहीं।वो पुरानी साइकिल की सवारी,वो बारिश में भीगना,आज भी याद है मुझे,तेरा वो धीरे से मुस्कुराना।
हवाओं में घुली है,तेरी खुशबू की वो महक,दिल धड़कता है ज़ोर से,सुन ले ज़रा ये चहक।
ये इश्क है या कोई जादू,जो हर पल मुझे बुलाता है,तेरी आँखों के सागर में,मेरा दिल डूबता जाता है।तू पास नहीं फिर भी,तू हरदम साथ नज़र आती है,ये कैसी कशिश है,जो रूह को छू जाती है।
वक्त के पहिए थम से गए हैं,जब से तू दूर हुई है,पर यादों के पन्ने पलटकर,जिंदगी फिर से शुरू हुई है।तू है तो मुकम्मल सब है,तू नहीं तो वीराना है,तुझे पाने की चाहत में,मुझे खुद को ही पाना है।
ये इश्क है या कोई जादू,जो हर पल मुझे बुलाता है,तेरी आँखों के सागर में,मेरा दिल डूबता जाता है।तू पास नहीं फिर भी,तू हरदम साथ नज़र आती है,ये कैसी कशिश है,जो रूह को छू जाती है।
ओ ओ ओ,तेरी यादें... बस तेरी यादें,मेरे पास रह जाती हैं।ओ ओ ओ,सब कुछ यहीं है।
ख्वाबों की गलियां
खयाल खान
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