रगों की आग
स्वराग्नि
इंडियन रॉक
About
यह गीत रॉक संगीत के आक्रामक इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स और शास्त्रीय रागों के मेल से बना है। इसमें तबले की तीव्र थाप और सितार की मधुर धुन का एक अनूठा मिश्रण है जो एक प्रेरणादायक ऊर्जा पैदा करता है।
Lyrics
धुंधली सी गलियों में शोर हैखामोश लबों पे कुछ जोर हैवक़्त की नब्ज़ पर हाथ है मेरानया एक सफ़र, नया दौर है
पुराने खयालों की बेड़ियाँ तोड़ दीसपनों की खातिर दुनिया को छोड़ दीये दौड़ती भागती रफ़्तार मेंमैंने अपनी ही मंज़िल को मोड़ दीदीवारों पे लिखे हैं अनकहे सचकल की फिक्र अब दिल से तोड़ दी
हवाओं में है एक अजीब सी बेचैनीरगों में दौड़ती एक नई कहानीअब रुकना नहीं, अब झुकना नहींये आग है मेरी, ये मेरी जवानी
उड़ान भर लूँ, आसमां को छू लूँअपनी लकीरों को आज खुद लिख लूँये शोर मेरा, ये रास्ता मेराखुद की तलाश में खुद को ही ढूँढ लूँउड़ान भर लूँ, आसमां को छू लूँ
भीड़ में खोकर भी मैं अकेला हूँसच और झूठ का ये कैसा मेला हूँपत्थरों से टकराकर जो निखरा हैमैं वही एक जलता हुआ अकेला हूँ
उड़ान भर लूँ, आसमां को छू लूँअपनी लकीरों को आज खुद लिख लूँये शोर मेरा, ये रास्ता मेराखुद की तलाश में खुद को ही ढूँढ लूँ
धुआँ है चारों तरफ पर रोशनी बाकी हैमेरी ये साफ़गोई अभी बाकी हैकल की फिक्र छोड़, आज में जी लेतेरी रूह की ये तड़प अभी बाकी हैबाकी है...सब बाकी है...
रगों की आग
स्वराग्नि
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