Skip to content
Duration4:12

रगों की आग

स्वराग्नि

इंडियन रॉक

About

यह गीत रॉक संगीत के आक्रामक इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स और शास्त्रीय रागों के मेल से बना है। इसमें तबले की तीव्र थाप और सितार की मधुर धुन का एक अनूठा मिश्रण है जो एक प्रेरणादायक ऊर्जा पैदा करता है।

Lyrics

intro

धुंधली सी गलियों में शोर हैखामोश लबों पे कुछ जोर हैवक़्त की नब्ज़ पर हाथ है मेरानया एक सफ़र, नया दौर है

verse

पुराने खयालों की बेड़ियाँ तोड़ दीसपनों की खातिर दुनिया को छोड़ दीये दौड़ती भागती रफ़्तार मेंमैंने अपनी ही मंज़िल को मोड़ दीदीवारों पे लिखे हैं अनकहे सचकल की फिक्र अब दिल से तोड़ दी

pre-chorus

हवाओं में है एक अजीब सी बेचैनीरगों में दौड़ती एक नई कहानीअब रुकना नहीं, अब झुकना नहींये आग है मेरी, ये मेरी जवानी

chorus

उड़ान भर लूँ, आसमां को छू लूँअपनी लकीरों को आज खुद लिख लूँये शोर मेरा, ये रास्ता मेराखुद की तलाश में खुद को ही ढूँढ लूँउड़ान भर लूँ, आसमां को छू लूँ

sitar-solo
bridge

भीड़ में खोकर भी मैं अकेला हूँसच और झूठ का ये कैसा मेला हूँपत्थरों से टकराकर जो निखरा हैमैं वही एक जलता हुआ अकेला हूँ

chorus

उड़ान भर लूँ, आसमां को छू लूँअपनी लकीरों को आज खुद लिख लूँये शोर मेरा, ये रास्ता मेराखुद की तलाश में खुद को ही ढूँढ लूँ

outro

धुआँ है चारों तरफ पर रोशनी बाकी हैमेरी ये साफ़गोई अभी बाकी हैकल की फिक्र छोड़, आज में जी लेतेरी रूह की ये तड़प अभी बाकी हैबाकी है...सब बाकी है...

रगों की आग

स्वराग्नि

Preview

रगों की आग by स्वराग्नि | EchoLoRA: Generate a Song with AI