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Duration3:39

अनंत का कारवाँ

शून्य प्रवाह

इंडियन इलेक्ट्रॉनिक

About

यह ट्रैक पारंपरिक सितार और तबला की जटिल लयबद्ध संरचनाओं को आधुनिक सिंथेसाइज़र और एम्बिएंट साउंडस्केप के साथ जोड़ता है। इसमें राग-आधारित माधुर्य और डिजिटल बनावट का एक अनूठा फ्यूजन है जो श्रोता को एक ध्यानपूर्ण और ऊर्जावान यात्रा पर ले जाता है।

Lyrics

intro

हवाओं में घुली कोई पुरानी गूँज हैठहरे हुए लम्हों में ये कैसी रूह हैनिशान मिट रहे हैं, धुंधली सी रात हैखुद से ही उलझी, ये कैसी बात है

raga-alap

सा रे गा म प ध नि साअनंत की ओर ले जाती ये दिशासा रे गा म प ध नि साशून्य में खोई है मेरी अभिलाषा

build-up

धड़कनें अब तेज होती जा रही हैंपुरानी यादें पीछे छूटती जा रही हैंखिड़की से बाहर ये शहर सो गया हैमेरा वजूद कहीं खो गया हैबढ़ती हुई ये लहरें, ये शोर-शराबाभीतर की शांति का खुला दरवाज़ा

drop

उड़ान भरूँ, मैं खुद में ही खो जाऊँसितारों की ओट में, मैं कहीं छिप जाऊँन कोई सीमा, न कोई बंधन यहाँबस मैं हूँ और ये बहता हुआ कारवाँ

breakdown

एक पल में सिमटी ये पूरी कायनात हैमिट्टी की खुशबू में छिपी कोई सौगात हैपुराने रास्तों को अब मैंने छोड़ दियाखुद से ही खुद का नाता जोड़ लिया

drop

उड़ान भरूँ, मैं खुद में ही खो जाऊँसितारों की ओट में, मैं कहीं छिप जाऊँन कोई सीमा, न कोई बंधन यहाँबस मैं हूँ और ये बहता हुआ कारवाँ

outro

सा रे गा म प ध नि सा...गहराई में है ये अहसाससा रे गा म प ध नि सा...अब बस मैं हूँ, और मेरा विश्वासखामोशी में भी एक संगीत हैये अंत नहीं, ये नई जीत है

अनंत का कारवाँ

शून्य प्रवाह

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