नई कहानी
अंबर की गूँज
इंडियन रॉक
About
यह गीत रॉक संगीत के आक्रामक इलेक्ट्रिक गिटार रिफ्स और भारतीय शास्त्रीय रागों के मेल से बना है। इसमें तबले की तेज लय और सितार की मेलोडी एक ऊर्जावान माहौल तैयार करती है, जो बदलाव की भावना को दर्शाती है।
Lyrics
धुएं में लिपटी ये राहें पुरानीखोई हुई सी है मेरी कहानीशहर की भीड़ में खुद को तलाशूंकिस मोड़ पर अब ये दिल को संवारूं
कांच की खिड़की से झांकती है सुबहनींद की परतों में दबी है कोई वजहशोर में डूबी ये कंक्रीट की दीवारेंबेचैन रातों की लंबी ये पुकारेंपहन के निकले हैं मुखौटे हजारोंसच को छुपाते हैं ये झूठे इशारों
जंग लगी जंजीरें तोड़नी होंगीपुरानी लकीरों को अब छोड़नी होंगीआसमां छूने की जिद में खड़े हैंहम तो तूफानों से आगे बढ़े हैंधीमी आंच पर पकती है ये जवानीखून में उबाल, आंखों में है हैरानी
धड़कन की रफ्तार अब तेज होती हैमंजिल की प्यास अब परवेज होती हैजंजीरें टूटीं, अब रास्ता साफ हैबदलाव का ये मेरा अपना इंसाफ है
उड़ान भरेंगे, अब ना रुकेंगेतूफानों के आगे ना हम झुकेंगेमिट्टी की खुशबू, ये रगों में दौड़तीपुरानी बेड़ियों को ये रूह छोड़तीहम हैं वो सैलाब, हम हैं वो शोरमंजिल की खातिर, चलें और जोर
गलियों की धूल में इतिहास सोया हैख्वाबों के सौदागरों ने सब खोया हैकिताबों में लिखीं बातें पुरानीअब वक्त है लिखने की नई कहानीकोई ना पूछेगा, खुद ही बनाना हैअपनी ही धुन में अब गाते जाना है
सन्नाटा चीरती ये गूँजती आवाजेंबदल रही हैं अब ये कायनात के दरवाजेअंदर की आग जब बाहर आएगीदुनिया की सूरत ये खुद ही बदलेगीना डर है किसी का, ना कोई बंधनखुला है अब ये मेरा मन का आंगन
उड़ान भरेंगे, अब ना रुकेंगेतूफानों के आगे ना हम झुकेंगेमिट्टी की खुशबू, ये रगों में दौड़तीपुरानी बेड़ियों को ये रूह छोड़तीहम हैं वो सैलाब, हम हैं वो शोरमंजिल की खातिर, चलें और जोर
घड़ी की सुई अब ठहरने लगी हैनई रोशनी अब उभरने लगी हैजो कल तक था बोझ, वो पंख बन गयामेरा वजूद अब एक रंग बन गया
चलते रहेंगे, बढ़ते रहेंगेअपनी ही शर्तों पर हम तो जिएंगेधुएं से निकलकर, उजाले की ओरबस एक ही धुन, बस एक ही शोरउड़ान...उड़ान...अब ना रुकेंगे।
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अंबर की गूँज
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