ढोलक की थाप और मस्ती
छमछम चटनी
चटनी
About
यह गीत पारंपरिक भोजपुरी लोक धुनों और आधुनिक सोका ताल का एक ऊर्जावान मिश्रण है। इसमें ढोलक की गहरी थाप, धातु की खनक वाली धंटाल और सिंथेसाइज़र का प्रयोग किया गया है जो इसे एक उत्सव जैसा माहौल देता है।
Lyrics
ढोलक की थाप पे दिल ये मचल जाएआज महफिल में रंगत सी छा जाएसबके कदमों में आज घुंघरू की झनकार हैखुशियों का देखो ये कैसा बहार है
आंगन में देखो सजी है ये महफिलसबके दिलों की धड़कन है शामिलहाथों में मेहंदी और माथे पे बिंदीआज की रात है सबसे निरालीसब झूमते हैं देखो छम-छम करकेसारे गम छोड़ आए हम पीछे-पीछे
ओ मेरे साथी रे, थोड़ा और करीब आआज नाचेंगे हम, सब कुछ भूल जाये चटनी की मस्ती, ये चटनी का प्यारखुशियों के सागर में बहें हम यारये चटनी की मस्ती, ये चटनी का प्यारखुशियों के सागर में बहें हम यार
पुरानी यादों को आज ताज़ा करेंगेगीतों के सागर में हम तो तैरेंगेकोई न रोके, कोई न टोकेखुशियों के ये लम्हे न कोई रोकेहवाओं में घुली है एक मीठी सी धुनसबके चेहरों पे देखो कैसी है चुन-चुन
ओ मेरे साथी रे, थोड़ा और करीब आआज नाचेंगे हम, सब कुछ भूल जाये चटनी की मस्ती, ये चटनी का प्यारखुशियों के सागर में बहें हम यारये चटनी की मस्ती, ये चटनी का प्यारखुशियों के सागर में बहें हम यार
धड़कन में जोश है, पैरों में बिजलीखुशियों की देखो कैसी ये कली खिलीन कोई पराया, न कोई है दूरआज तो हर दिल है मस्ती में चूरझूम लो, गा लो, ये पल न आएगाकल ये जमाना बस याद ही दिलाएगा
ओ मेरे साथी रे, थोड़ा और करीब आआज नाचेंगे हम, सब कुछ भूल जाये चटनी की मस्ती, ये चटनी का प्यारखुशियों के सागर में बहें हम यारये चटनी की मस्ती, ये चटनी का प्यारखुशियों के सागर में बहें हम यार
झूमते रहो, गाते रहोखुशियों के दीप तुम जलाते रहोये रात है अपनी, ये पल है अपनाजी लो इसे तुम बनके एक सपनाबस झूमते रहो...बस गाते रहो...ये मस्ती कभी न कम होये खुशी सदा कायम हो
ढोलक की थाप और मस्ती
छमछम चटनी
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