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हे प्रभु तू ही किनारा
Duration3:55

हे प्रभु तू ही किनारा

जगमोहन जोशी

भजन

About

यह भजन हारमोनियम की मधुर धुन और तबले के पारंपरिक ताल चक्र पर आधारित है। इसमें एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है जो कॉल-एंड-रिस्पॉन्स गायन शैली के माध्यम से धीरे-धीरे तीव्रता की ओर बढ़ता है।

Lyrics

intro

मन की वीणा के तार झनझनाएअधरों पर बस तेरा नाम आएभीतर की प्यास अब बुझने लगी हैतेरी चौखट पर रूह झुकने लगी है

verse 1

खोया था मैं खुद की ही माया मेंउलझा हुआ था झूठी काया मेंअब तो बस तेरी एक झलक पा लीजीवन की खाली डगर सजा लीजैसे भँवर से किनारा मिला होजैसे बंजर में फूल खिला हो

chorus

हे प्रभु, तू ही आधार मेरातू ही है नैया, तू ही किनारातेरी शरण में आया हूँ देवास्वीकार कर ले ये भाव-धारा

call-and-response
सब बोलो

जय हो मुरारी

सब बोलो

कुंज बिहारी

सब बोलो

गिरधर नागर

सब बोलो

करुणा सागर

verse 2

तू ही है सूरज, तू ही है तारातू ही है जग का पालनहाराअंधियारे मन में तू दीप जला देभटके हुए को राह दिखा देपल-पल तेरी ही धुन गाता रहूँतेरी ही यादों में खो जाता रहूँ

chorus

हे प्रभु, तू ही आधार मेरातू ही है नैया, तू ही किनारातेरी शरण में आया हूँ देवास्वीकार कर ले ये भाव-धारा

crescendo

तेरी महिमा अपरम्पार है, प्रभुतेरा ही नाम संसार है, प्रभुसाँस-साँस में बस तू ही समायामिट गई सारी मोह की छायातेरी भक्ति में ही मुक्ति है पाईमिट गई अब तो हर एक जुदाई

call-and-response
सब बोलो

राधे-राधे

सब बोलो

श्यामा-श्यामा

सब बोलो

केशव माधव

सब बोलो

नटवर नागर

bridge

तू है सागर, मैं हूँ बूंद सातू है सूरज, मैं हूँ धूप सातुझसे ही शुरू, तुझपे ही अंततू ही है मेरा आदि-अनंत

crescendo

तेरी कृपा का ये शीतल झरनासीख लिया मैंने अब तो तरनासब कुछ तेरा, मेरा कुछ भी नहींतू ही है स्वामी, मैं हूँ कहीं नहीं

outro

नाम जपते-जपते ये रैन बीतेतेरी ही धुन में ये श्वास जीतेशांति ही शांति, बस तू ही तू हैमेरा समर्पण, मेरा वजूद तू हैबस तू ही तू हैबस तू ही तू है

हे प्रभु तू ही किनारा

जगमोहन जोशी

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