तू ही किनारा तू ही समंदर
भक्ति सागर
Indian Devotional
About
यह गीत एक शांत और भक्तिपूर्ण रचना है जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का सुंदर मेल है। इसमें गायक की भावपूर्ण आवाज को केंद्र में रखते हुए एक पारंपरिक और आध्यात्मिक वातावरण तैयार किया गया है।
Lyrics
ओम् नमो, ओम् नमोमन की ये प्यास, प्रभु, तू ही बुझामेरी रूह में बस जा, ओ मेरे खुदा
राहें धुंधली हैं, पर तू साथ खड़ा हैमेरे सूने मन में, तू ही तो बड़ा हैदुनिया की भीड़ में, खुद को खोया था मैंनेतेरी एक झलक ने, फिर से पिरोया है मुझेसांसों की डोरी, तेरे हाथ में सौंप दीसारी उलझनें, तेरी राहों में छोड़ दी
तू ही किनारा, तू ही समंदरतुझसे ही रोशन, ये दिल के अंदरतेरी ही भक्ति, मेरा ठिकानातेरे ही दर पर, है सर को झुकानाओ मेरे स्वामी, ओ मेरे प्रभुतुझमें ही खो जाऊं, बस इतनी ही आरजू
न कोई मज़हब, न कोई बंधन रहातेरी मोहब्बत का, ये कैसा रंग चढ़ाआँखों के कोने में, मोती जो चमकते हैंये तेरे ही नूर से, हर पल दमकते हैंमैंने तो बस, नाम तेरा पुकारा हैतूने ही तो, मुझे संभाला है
ओम् नमो नारायण
ओम् नमो नारायण
तू ही है सत्य
तू ही है चैतन्य
मेरे मन के मीत
तेरी ही ये प्रीत
शून्य में मैं, तू ही प्रकाश हैमिट गई दूरी, खत्म ये प्यास हैकण-कण में तू, हर धड़कन में तूमेरी हकीकत, मेरी कल्पना में तूसमर्पित ये जीवन, तेरे चरणों में अर्पणतू ही मेरा दर्पण, तू ही मेरा दर्पण
तू ही किनारा, तू ही समंदरतुझसे ही रोशन, ये दिल के अंदरतेरी ही भक्ति, मेरा ठिकानातेरे ही दर पर, है सर को झुकानाओ मेरे स्वामी, ओ मेरे प्रभुतुझमें ही खो जाऊं, बस इतनी ही आरजू
शांति का सागर, लहराए भीतरतेरी ही छाया, अब है मुकद्दरओम् शांति, ओम् शांतिमेरे मन में, बस तेरी ही कांतिओम् नमो, ओम् नमो...
तू ही किनारा तू ही समंदर
भक्ति सागर
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