तू ही इबादत
स्वप्निल राय
बॉलीवुड
About
यह एक भावुक बॉलीवुड गीत है जिसमें तबला और ढोलक की पारंपरिक ताल के साथ आधुनिक सिंथेसाइज़र और स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा का सुंदर मिश्रण है। गीत के बोल एक गहरे प्रेम और समर्पण को दर्शाते हैं, जिसे एक मखमली पुरुष आवाज़ में राग-आधारित धुनों के साथ गाया गया है।
Lyrics
ओ ओ ओ, ओ ओ ओधड़कनें कहती हैं, जो कभी न कहासांसें लेती हैं, तेरा ही पता
खिड़की पे बैठी है, ये शाम ढलती हुईतेरी यादों की खुशबू, है पलती हुईआईने में देखूं तो, चेहरा तेरा दिखेरास्ते ये मेरे, अब तुझपे ही टिकेबिना कहे जो तूने, दिल में जगह बना लीमेरी सारी उदासी, तूने खुद में छुपा ली
हवाओं में ये कैसी, सरगोशियां हैंमेरी इन आँखों में, बस तेरी ही खुशियाँ हैं
तू मेरा ख्वाब है, तू ही हकीकत भीतू ही इबादत है, तू ही ज़रूरत भीतेरी बाहों में गुज़रे, ये उम्र सारी मेरीतू ही है मंज़िल, और तू ही है सवारी मेरीओ ओ, तू ही इबादत है
भीगी हुई रातें, और चाँदनी का सायातूने ही तो मुझको, जीना सिखायाशहर की भीड़ में, तन्हा था मैं कभीअब तू जो साथ है, तो फिक्र है न कभीधूप में छांव जैसे, तू पास आ गईमेरे सूखे जज्बातों में, प्यास जगा गई
धड़कन की लय में, तेरा ही नाम हैतू ही सुबह मेरी, तू ही शाम है
तू मेरा ख्वाब है, तू ही हकीकत भीतू ही इबादत है, तू ही ज़रूरत भीतेरी बाहों में गुज़रे, ये उम्र सारी मेरीतू ही है मंज़िल, और तू ही है सवारी मेरी
कभी जो रूठ जाना तो, मना लेना मुझेअपनी पलकों की ओट में, छुपा लेना मुझेफासले ये सिमट जाएं, चाहत की राहों मेंखो जाना है मुझे, तेरी ही पनाहों में
तू मेरा ख्वाब है, तू ही हकीकत भीतू ही इबादत है, तू ही ज़रूरत भीतेरी बाहों में गुज़रे, ये उम्र सारी मेरीतू ही है मंज़िल, और तू ही है सवारी मेरी
तू ही है मंज़िल...तू ही है सवारी मेरी...ओ ओ ओ, बस तू ही...धड़कन में तू, सांसों में तूहमेशा तू...
तू ही इबादत
स्वप्निल राय
Preview