हृदय के द्वार
आध्यात्मिक स्वर लहरी
भजन
About
यह एक पारंपरिक भजन है जो राग-आधारित माधुर्य और प्राकृतिक ध्वनिक वाद्ययंत्रों जैसे हारमोनियम और तबला पर आधारित है। इसमें एक ध्यानपूर्ण और शांत वातावरण है जो श्रोता को आध्यात्मिक शांति और ईश्वर के साथ जुड़ाव का अनुभव कराता है।
Lyrics
हृदय के द्वार खोल दे प्रभुअंधेरे में ज्योति बोल दे प्रभुमैं तो बस एक प्यासा पंछीनदी की धार में घोल दे प्रभु
मिट्टी का ये काया पिंजरामोह के बंधन में जकड़ाअहंकार की धूल जमी हैमन का दर्पण धुंधला पड़ासाँस-साँस में तेरा नाम होजीवन का ये ही काम होतुझसे शुरू, तुझपे खत्मतू ही सुबह, तू ही शाम हो
हे नाथ!
मेरे साथ!तेरी राहों पे चलना है
हे नाथ!
मेरे साथ!तेरी ज्योति में ढलना है
शून्य में सब विलीन हो जाएमैं का भाव अब मिट जाएब्रह्मांड की इस अनंत धारा मेंमेरी आत्मा तुझमें मिल जाएतू ही सत्य, तू ही आधारसागर पार, तू ही पतवारतेरी महिमा गाते-गातेखो जाऊँ मैं बार-बार
हे नाथ!
मेरे साथ!तेरी राहों पे चलना है
हे नाथ!
मेरे साथ!तेरी ज्योति में ढलना है
बाहर ढूँढा, सब व्यर्थ हुआभीतर देखा, तू ही तू दिखाकण-कण में है वास तेराये समझ मुझे अब आ गयान कोई दुख, न कोई भयतेरी शरण में है अक्षयशांति का ये सागर गहरातेरी कृपा का ही ये आश्रय
अनंत है तू, अविनाशी हैतू ही मेरी हर प्यासी हैस्वयं को तुझमें सौंप दियाअब तो तू ही मेरा वासी हैअहंकार का दीप बुझ गयामैं तेरे प्रेम में सज गया
तू ही सत्य, तू ही आधारतू ही सत्य, तू ही आधारशांति... शांति... शांति...सब तुझमें समा गयासब तुझमें समा गयाहे नाथ, मैं तेरा हो गया।
हृदय के द्वार
आध्यात्मिक स्वर लहरी
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