ओम् नमो: सवेरा
दिव्य प्रकाश व्यास
भारतीय भक्ति संगीत
About
यह गीत एक शांत और ध्यानमग्न रचना है जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध थाप का सुंदर संगम है। इसमें गायक की भावपूर्ण आवाज भक्ति और समर्पण के गहरे अहसास को जीवंत करती है, जो सुनने वाले को एक आध्यात्मिक शांति की ओर ले जाती है।
Lyrics
ओम् नमो, ओम् नमोमन की गहराई में, तेरी ही परछाई हैओम् नमो, ओम् नमो
भीड़ में खोया था मैं, खुद से ही अनजान थातेरी राहों का मुसाफिर, मैं तो बस मेहमान थाअब जो तूने हाथ थामा, सब कुछ जैसे थम गयामेरे अंदर का अंधेरा, तेरी ज्योति से भर गया
तू ही सागर, तू ही किनारातू ही जीवन का सहारामिट गए सब फासले, हो गया मैं तेरामुझमें बस तू ही बसता, ओ मेरे सवेरा
- सांसों में तू
- यादों में तू
- धड़कन में तू
- पल-पल में तू
शब्दों में ना बाँध पाऊँ, वो अहसास हो तुममेरी प्यासी रूह के लिए, मीठी सी प्यास हो तुमना कोई चाहत बची, ना कोई शिकवा रहातेरी रज़ा में ही मैंने, अपना सब कुछ कहा
ये देह तो बस मिट्टी है, तू ही इसमें प्राण हैतू ही आदि, तू ही अंत, तू ही मेरा जहान हैझुक गया सर मेरा, अब इबादत में तेरीमिट गई ये मैं, मिल गई रूह मेरी
तू ही सागर, तू ही किनारातू ही जीवन का सहारामिट गए सब फासले, हो गया मैं तेरामुझमें बस तू ही बसता, ओ मेरे सवेरा
ओम् नमो, ओम् नमोतेरा ही नाम, मेरा कामओम् नमो, ओम् नमोशांति, बस शांतिओम् नमो, ओम् नमो
ओम् नमो: सवेरा
दिव्य प्रकाश व्यास
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