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तेरी ज्योति में समाया
Duration3:40

तेरी ज्योति में समाया

श्याम शरण

भजन

About

यह भजन एक पारंपरिक हारमोनियम धुन और तबले के लयबद्ध चक्र के साथ शुरू होता है, जो धीरे-धीरे एक गहन आध्यात्मिक अनुभव में बदल जाता है। इसमें कॉल-एंड-रिस्पॉन्स गायन शैली का उपयोग किया गया है, जो श्रोताओं को भक्ति के गहरे भाव में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Lyrics

intro

मन की वीणा के तार छेड़ देशून्य में मुझको तू मोड़ देसाँसों की माला में नाम तेराओ मेरे प्रभु, अब छोड़ दे

verse

भटक रही थी ये रूह कब सेदुनिया के झूठे इन शोर मेंढूँढा तुझे जब भीतर अपनेपाया तुझे ही हर छोर मेंमिट गया अहंकार का ये पर्दानूर तेरा अब दिखे हर ओर में

chorus

तेरी शरण में आया हूँ मैंसब कुछ अपना लाया हूँ मैंमिटा दे द्वैत का ये बंधनतेरी ज्योति में समाया हूँ मैं

call-and-response
गाओ

राधे गोविंद, राधे गोविंद

बोलो

राधे गोविंद, राधे गोविंद

गाओ

श्याम सुंदर, घनश्याम सुंदर

बोलो

श्याम सुंदर, घनश्याम सुंदर

verse

नदी की धारा जो सागर को ढूँढेमैं भी तो तुझको ही ढूँढता रहामाया की गलियों में खोकर मैं अक्सरखुद से ही मैं तो लड़ता रहाअब तो थाम ले हाथ मेरामैं तो बस तेरा ही बनता रहा

crescendo

हृदय का आसन सजाया है मैंनेप्रेम का दीपक जलाया है मैंनेमिट गई दुविधा, मिट गई दूरीतेरा ही नाम अब गाया है मैंनेतेरा ही नाम अब गाया है मैंनेतेरा ही नाम अब गाया है मैंने

call-and-response
गाओ

हरि बोल, हरि बोल, हरि बोल

बोलो

हरि बोल, हरि बोल, हरि बोल

गाओ

केशव माधव, केशव माधव

बोलो

केशव माधव, केशव माधव

outro

शांति का सागर, तू ही किनारातेरी ही छाया का है ये सहारामुझमें ही तू है, मैं तुझमें ही हूँमेरा तो तू ही है, बस तू ही प्याराबस तू ही प्यारा...बस तू ही प्यारा...

तेरी ज्योति में समाया

श्याम शरण

Preview

तेरी ज्योति में समाया by श्याम शरण | EchoLoRA: Generate a Song with AI