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Duration5:22

परम ज्योति का आह्वान

हृदय सागर

Devotional

About

यह रचना राग आधारित गायकी और पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे हारमोनियम और तबला का एक उत्कृष्ट मिश्रण है। इसमें एक शांत और ध्यानमग्न वातावरण बनाने के लिए प्राकृतिक ध्वनिक ताल और स्वर-प्रधान संरचना का उपयोग किया गया है।

Lyrics

intro

हृदय के द्वार खोलो आज तुममिटा दो भेद, मिटा दो सब भरमशून्य में ही सत्य का है वाससांसों में बसी है तेरी ही आस

verse 1

मैं तो एक छोटा सा तिनका हूँ सागर की लहरों में खोया हुआतू ही किनारा, तू ही सहारामैं तो तेरी राहों का राही हुआअहंकार की ये जो दीवार हैइसे गिराने का अब समय आया हैमिट जाए मैं, बस तू ही बचेयही तो जीवन का असली साया है

call-and-response
तू ही है

- तू ही है

मेरा आधार

- मेरा आधार

तेरी ही छाया

- तेरी ही छाया

मेरा संसार

- मेरा संसार

verse 2

न कोई मंदिर, न कोई मस्जिद की कैदतेरी ज्योति तो कण-कण में समाई हैबंद आँखों से जो देखा मैंने वो रोशनी ही मेरी कमाई हैबिखरते धागों को तूने ही जोड़ा हैभटकते मन को तूने ही मोड़ा हैतेरी दया की जो चादर ओढ़ीमैंने तो दुनिया का दामन छोड़ा है

crescendo

अनंत की ओर ले चल मुझेइस माया जाल से तू खेल मुझेमैं जल रहा हूँ तेरी अग्नि मेंअब तू ही आकर बुझा दे मुझेतेरा नाम ही मेरी धड़कन बनेतेरी भक्ति ही मेरा आभूषण बनेमिट जाए हर एक कलंक का दागतेरा ही नूर मेरा दर्पण बने

call-and-response
जागो मन

- जागो मन

देखो प्रभु

- देखो प्रभु

मिटे सब संशय

- मिटे सब संशय

बनो तुम विभु

- बनो तुम विभु

verse 3

न कोई चाहत, न कोई प्यास बचीबस तेरे चरणों में विश्राम चाहिएतू ही आदि, तू ही है अंत मेरामुझे तो बस तेरा ही नाम चाहिएये जीवन है एक छोटा सा फेराकट जाए अब ये दुखों का अंधेरातू जो मिला तो सब कुछ मिलामिट गया मेरे मन का हर घेरा

crescendo

उठो अब जागो, ये बेला आई हैपरमात्मा की महिमा छाई हैछोड़ो द्वेष और छोड़ो ये नफरतइंसानियत ही सबसे बड़ी कमाई हैबहती हवाओं में गूँज है तेरीमिटती हर एक उलझन मेरीसब कुछ अर्पण है तेरे चरणों मेंस्वीकार कर ले ये अर्जी मेरी

outro

शांति, शांति, शांति का वास होतेरी ही कृपा का प्रकाश होमैं न रहा, बस तू ही तू हैहर धड़कन में तेरा ही साज़ होशांति... शांति... शांति...सब तेरा ही है... सब तेरा ही है...

परम ज्योति का आह्वान

हृदय सागर

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