समर्पित श्वास
नित्यानंद भजन
भारतीय भक्ति संगीत
About
यह गीत एक गहन भक्तिपूर्ण अनुभव है, जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का सुंदर मेल है। इसमें गायक की भावपूर्ण आवाज को केंद्र में रखा गया है, जो श्रोता को ध्यान और आध्यात्मिक शांति की ओर ले जाती है।
Lyrics
मिटती हुई ये दूरियांखुलती हुई ये रूह की खिड़कियांतेरा नाम, बस तेरा ही नाम
सांसों की माला पे तेरा सुमिरन सजाया हैभटके हुए राही ने ठिकाना तेरा पाया हैन कोई चाहत है, न कोई अब सवाल हैतेरे दर पे झुक के, संवर गया मेरा हाल हैधूल में खोया था जो, वो मोती मिल गयातेरी रहमत का सूरज आज मेरे मन में खिल गया
ओ मेरे प्रभु, ओ मेरे मीततुझमें ही बसी मेरी हर एक प्रीततू ही किनारा, तू ही मझधार हैतुझमें ही उलझा, तुझमें ही पार हैसमर्पित ये जीवन, समर्पित ये श्वासतू ही है आराध्य, तू ही है विश्वास
राधे कृष्ण, राधे कृष्ण
राधे कृष्ण, राधे कृष्ण
राधे कृष्ण, राधे कृष्ण
राधे कृष्ण, राधे कृष्ण
अहंकार की ये दीवारें अब गिरने लगी हैंतेरी करुणा की बूंदें मुझमें उतरने लगी हैंन कोई मंदिर, न मस्जिद, न कोई है मजारमेरे भीतर ही बैठा है तू, ये हुआ इकरारजो था मैं कल तक, वो आज कहाँ रहातेरी ही धुन में अब ये मन बहने लगा
ओ मेरे प्रभु, ओ मेरे मीततुझमें ही बसी मेरी हर एक प्रीततू ही किनारा, तू ही मझधार हैतुझमें ही उलझा, तुझमें ही पार हैसमर्पित ये जीवन, समर्पित ये श्वासतू ही है आराध्य, तू ही है विश्वास
शून्य में खो के तुझको पायामाया के जाल से मन को छुड़ायाअब न कोई बंधन, न कोई है मोहतेरी ही गोद में, मिटा हर एक छोहअपरंपार तू, अनंत तेरा ये विस्तारतुझमें ही विलीन, मेरा ये संसार
हरि बोल, हरि बोल
हरि बोल, हरि बोल
हरि बोल, हरि बोल
हरि बोल, हरि बोल
तेरा ही नूर, तेरा ही ध्यानतुझमें ही सिमटा, मेरा ये जहानशांति है, बस शांति हैतू ही है, बस तू ही हैतू ही है...तू ही है...
समर्पित श्वास
नित्यानंद भजन
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