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Duration3:07

समर्पित श्वास

नित्यानंद भजन

भारतीय भक्ति संगीत

About

यह गीत एक गहन भक्तिपूर्ण अनुभव है, जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले की लयबद्ध ताल का सुंदर मेल है। इसमें गायक की भावपूर्ण आवाज को केंद्र में रखा गया है, जो श्रोता को ध्यान और आध्यात्मिक शांति की ओर ले जाती है।

Lyrics

intro

मिटती हुई ये दूरियांखुलती हुई ये रूह की खिड़कियांतेरा नाम, बस तेरा ही नाम

verse 1

सांसों की माला पे तेरा सुमिरन सजाया हैभटके हुए राही ने ठिकाना तेरा पाया हैन कोई चाहत है, न कोई अब सवाल हैतेरे दर पे झुक के, संवर गया मेरा हाल हैधूल में खोया था जो, वो मोती मिल गयातेरी रहमत का सूरज आज मेरे मन में खिल गया

chorus

ओ मेरे प्रभु, ओ मेरे मीततुझमें ही बसी मेरी हर एक प्रीततू ही किनारा, तू ही मझधार हैतुझमें ही उलझा, तुझमें ही पार हैसमर्पित ये जीवन, समर्पित ये श्वासतू ही है आराध्य, तू ही है विश्वास

call-and-response
बोलो

राधे कृष्ण, राधे कृष्ण

सुमिरो

राधे कृष्ण, राधे कृष्ण

बोलो

राधे कृष्ण, राधे कृष्ण

सुमिरो

राधे कृष्ण, राधे कृष्ण

verse 2

अहंकार की ये दीवारें अब गिरने लगी हैंतेरी करुणा की बूंदें मुझमें उतरने लगी हैंन कोई मंदिर, न मस्जिद, न कोई है मजारमेरे भीतर ही बैठा है तू, ये हुआ इकरारजो था मैं कल तक, वो आज कहाँ रहातेरी ही धुन में अब ये मन बहने लगा

chorus

ओ मेरे प्रभु, ओ मेरे मीततुझमें ही बसी मेरी हर एक प्रीततू ही किनारा, तू ही मझधार हैतुझमें ही उलझा, तुझमें ही पार हैसमर्पित ये जीवन, समर्पित ये श्वासतू ही है आराध्य, तू ही है विश्वास

bridge

शून्य में खो के तुझको पायामाया के जाल से मन को छुड़ायाअब न कोई बंधन, न कोई है मोहतेरी ही गोद में, मिटा हर एक छोहअपरंपार तू, अनंत तेरा ये विस्तारतुझमें ही विलीन, मेरा ये संसार

call-and-response
गाओ

हरि बोल, हरि बोल

जपो

हरि बोल, हरि बोल

बोलो

हरि बोल, हरि बोल

जपो

हरि बोल, हरि बोल

outro

तेरा ही नूर, तेरा ही ध्यानतुझमें ही सिमटा, मेरा ये जहानशांति है, बस शांति हैतू ही है, बस तू ही हैतू ही है...तू ही है...

समर्पित श्वास

नित्यानंद भजन

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