महकती स्याही
आर्यन और आवारा
इंडी-पॉप
About
यह गाना एक मधुर इंडी-पॉप रचना है जो पुरानी यादों और बचपन की मासूमियत को दर्शाती है। इसमें तबला और ढोलक की पारंपरिक लय के साथ आधुनिक सिंथेसाइज़र और इलेक्ट्रिक गिटार का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो एक रेडियो-फ्रेंडली अनुभव प्रदान करता है।
Lyrics
ओ ओ ओ, ओ ओ ओये हवाएं, ये गलियाँ, और हम
पुराने खतों की वो स्याही अब भी महकती हैतेरी हँसी की यादें दिल में धड़कती हैंवो साइकिल की घंटी, वो स्कूल का रास्ताबिना कहे सब कुछ, बस बातों का वास्ताअब तो शहर की भीड़ में हम खो गए हैंपर यादों के पन्नों में फिर से सो गए हैं
धूप में वो छाँव ढूँढनाबारिश में यूँ भीगनासब कुछ जैसे कल की बात हो
ये यादों का कारवाँ, रुकता नहीं कहींतू साथ है मेरे, भले ही तू यहाँ नहींवो बचपन की बातें, वो कच्ची सी राहेंयादों में सिमटी हैं अब भी वो बाहेंओ ओ ओ, फिर लौट आएँ क्या?
काँच के मकानों में अब दिन ढलते हैंहम अपनी ही परछाईं से अब जलते हैंवो छत पर पतंगें, वो शाम की चायअब कहाँ वो सुकून, जो दिल को भाएपर उम्मीद का दीया अभी जल रहा हैमेरा मन तेरे ही नाम पर चल रहा है
धूप में वो छाँव ढूँढनाबारिश में यूँ भीगनासब कुछ जैसे कल की बात हो
ये यादों का कारवाँ, रुकता नहीं कहींतू साथ है मेरे, भले ही तू यहाँ नहींवो बचपन की बातें, वो कच्ची सी राहेंयादों में सिमटी हैं अब भी वो बाहेंओ ओ ओ, फिर लौट आएँ क्या?
वक्त की ये रफ़्तार, थमने से रहीजो बातें अधूरी थीं, वो कहनी भी थींधुंधली सी तस्वीर में रंग भर लूँतेरी यादों को अब मैं घर कर लूँ
ये यादों का कारवाँ, रुकता नहीं कहींतू साथ है मेरे, भले ही तू यहाँ नहींवो बचपन की बातें, वो कच्ची सी राहेंयादों में सिमटी हैं अब भी वो बाहेंओ ओ ओ, फिर लौट आएँ क्या?
लौट आएँ, बस एक बारवो बचपन, वो प्यारओ ओ ओ...बस यादें...ओ ओ ओ...
महकती स्याही
आर्यन और आवारा
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