दर्पण
काव्य कालरा
इंडि-पॉप
About
यह गीत एक आधुनिक इंडि-पॉप रचना है जिसमें सिंथेसाइज़र और ढोलक की पारंपरिक थाप का अद्भुत मिश्रण है। इसमें एक ऊर्जावान रिदम लूप और मधुर वोकल हुक है जो बॉलीवुड के सिनेमाई संगीत और समकालीन इलेक्ट्रॉनिक बीट्स को खूबसूरती से जोड़ता है।
Lyrics
हवाओं में घुली है आज ये कैसी खुमारीधड़कनों को मिल गई है कोई नई सवारीआसमान भी झुक के देखे अपना नज़ारातू ही है मेरा, तू ही है मेरा सहारा
गली-कूचों में शोर है, पर दिल में है खामोशीतेरी बातों की आदत है, ये कैसी है मदहोशी?तस्वीरें तेरी देखूँ तो वक्त ठहर सा जाता हैतू पास न हो तो हर लम्हा मुझे तड़पाता हैशहर की इन रोशनियों में ढूँढूँ मैं चेहरा तेराजैसे चाँद के पीछे छुपा हो कोई सवेरा
नज़रें मिलीं तो ज़माना बदल गयाजो था अधूरा, वो आज संभल गयाहकीकत में लाऊँ मैं ये सारे ख्वाबतू ही है मेरा अब हर एक जवाब
ओ मेरे हमसफर, तू दिल की धड़कन बन जाइस भीड़ में खोया हूँ, तू मेरा दर्पण बन जानशा है तेरी आँखों का, ये दिल अब ना मानेलिखूँ मैं तुझपे ही अब अपनी सारी कहानियाँ
भीगी-भीगी रातों में ये कैसा जादू छाया हैतेरी महक ने देखो, मुझे फिर से बुलाया हैन जाने क्या रिश्ता है, ये कैसा ये बंधन हैतू ही है मेरा कल, तू ही मेरा दर्पण हैदूरी मिटा दे अब, आ पास मेरे तू ज़रातुझसे ही शुरू है मेरी ये छोटी सी दुनिया
नज़रें मिलीं तो ज़माना बदल गयाजो था अधूरा, वो आज संभल गयाहकीकत में लाऊँ मैं ये सारे ख्वाबतू ही है मेरा अब हर एक जवाब
ओ मेरे हमसफर, तू दिल की धड़कन बन जाइस भीड़ में खोया हूँ, तू मेरा दर्पण बन जानशा है तेरी आँखों का, ये दिल अब ना मानेलिखूँ मैं तुझपे ही अब अपनी सारी कहानियाँ
साँसों की लय में तेरा नाम बसता हैये दिल सिर्फ तेरे लिए ही तो तरसता हैकोई न समझे मेरी इन अनकही बातों कोतू ही तो है जो पढ़ता है मेरी इन रातों को
तू ही है, तू ही हैसिर्फ तू ही हैमेरे दिल की धड़कनसिर्फ तू ही है
हवाओं में घुली है आज ये कैसी खुमारीतू ही है मेरी, तू ही है मेरी सवारीअब रुकना नहीं, बस चलना है साथ मेंतेरा हाथ हो, मेरे हाथ मेंहमेशा... हमेशा...
दर्पण
काव्य कालरा
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